कैबिनेट के फैसले:आरवीआरईएस में प्राध्यापक अब कहलाएंगे सहायक आचार्य, सह-आचार्य और आचार्य

राज्य सरकार ने फैसला किया है कि राजस्थान स्वेच्छया ग्रामीण शिक्षा सेवा नियम, 2010 (आरवीआरईएस) के अंतर्गत नियुक्त शिक्षकों के पदनाम प्राध्यापक के स्थान पर अब सहायक आचार्य, सह-आचार्य एवं आचार्य होंगे। इस निर्णय से राजस्थान स्वेच्छया ग्रामीण शिक्षा सेवा में शिक्षकों के पदनाम यूजीसी रेग्युलेशन-2010 एवं समान सेवा राजस्थान शिक्षा सेवा (कॉलेज शाखा) के अनुरूप हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में समाप्त हो चुके जनशक्ति एवं गजेटियर्स विभाग से जुड़े राजस्थान जिला गजेटियर्स सेवा नियम-1980 को विलोपित करने का निर्णय भी शनिवार को किया गया। इलेक्ट्रीशियन और असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन का पदनाम परिवर्तन
कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री डा. प्रेम चंद बैरवा एवं संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान, जयपुर में स्वीकृत पद इलेक्ट्रीशियन का पदनाम इलेक्ट्रीशियन ग्रेड-1 एवं असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन का पदनाम इलेक्ट्रीशियन ग्रेड-2 किया गया है। वहीं, इलेक्ट्रीशियन-कम-प्रोजेक्ट ऑपरेटर का पद विलोपित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट में मंजूरी दी गई। दिव्यांगजनों के लिए बड़ा फैसला मंत्रिमण्डल की बैठक में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के प्रावधानों के अनुसार प्रदेश में दिव्यांगजन के लिए समान अवसर नीति को मंजूरी प्रदान की गई। यह नीति राज्य सरकार के सभी विभागों, कार्यालयों, स्वायत्त संस्थाओं और राज्य सरकार के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष नियंत्रण में आने वाले सभी संस्थानों में लागू होगी। यह नीति सरकारी कार्यालयों में विशेष योग्यजन के प्रवेश के लिए बाधा मुक्त पहुंच की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार के सभी संस्थानों में ऐसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी जिससे विशेष योग्यजन कार्मिक अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। इस नीति के अनुसार सरकारी कार्यालयों में भवन, फर्नीचर, साधन-सुविधाओं सहित सभी भौतिक और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारत सरकार द्वारा दिव्यांगजनों की सहूलियत के लिए निर्धारित अभिगम्यता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाएगा। विशेष योग्यजन कार्मिकों के भर्ती पश्चात और पदोन्नति पूर्व प्रशिक्षण अन्य कार्मिकों के साथ ही कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इस नीति के प्रावधानों के अनुसार विशेष योग्यजनों को यथासंभव रोटेशनल ट्रांसफर से मुक्त रखा जाएगा। स्थानांतरण अथवा पदोन्नति पर पदस्थापन स्थान तय करते समय विशेष योग्यजन कार्मिकों एवं ऐसे कार्मिकों, जो गंभीर विकलांगता वाले बच्चों के माता-पिता हैं, उनके द्वारा दिए वरीयता विकल्पों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक कार्यालय में विशेष योग्यजनों की शिकायतों के निस्तारण के लिए ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर नामित किया जाएगा। अक्षय ऊर्जा के लिए भूमि आवंटन
संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के उद्देश्य से सौर ऊर्जा परियोजनाओं को सशर्त भूमि आवंटन की स्वीकृति मंत्रिमंडल की ओर से प्रदान की गई। इसके अन्तर्गत जैसलमेर के नया लूणा कलां में 400 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट के लिए 77.46 हैक्टेयर भूमि, फलौदी के नोख में 80 मेगावॉट क्षमता के सोलर पार्क के लिए 158.23 हैक्टेयर भूमि, बीकानेर के केलां में 72 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट के लिए 143.96 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। इसी तरह 339 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट के लिए बीकानेर के कालासर एवं सवाईसर में 181.40 हैक्टेयर और केलां में 495.53 हैक्टेयर भूमि सशर्त आवंटित की जाएगी। उदयपुर के खेरोदा में 63.98 हैक्टेयर भूमि 765 के.वी.सब स्टेशन ऋषभदेव की स्थापना के लिए आवंटित की जाएगी।

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