1,000 से ज्यादा कर्मचारियों को निकालेगी ओला इलेक्ट्रिक:कंपनी अपने बढ़ते घाटे को कम करना चाहती है, शेयरों में 3.40% की गिरावट

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड 1,000 से अधिक कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को नौकरी से निकालने की योजना बना रही है। कंपनी इसके जरिए अपने बढ़ते घाटे को कम करना चाहती है। इस जॉब कट से प्रॉक्योरमेंट, फुलफिलमेंट, कस्टमर रिलेशन्स और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई विभाग प्रभावित होंगे। मामले से परिचित लोगों ने कहा कि यह छंटनी ओला इलेक्ट्रिक की कॉस्ट कंट्रोल करने की कोशिशों का हिस्सा है। इससे पहले नवंबर 2023 में कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया था कि मार्जिन बढ़ाने और प्रॉफिटेबिलिटी की संभावनाओं में सुधार लाने के लिए रिस्ट्रक्चरिंग एफर्ट के तहत ओला इलेक्ट्रिक ने लगभग 500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। ओला के शेयरों में 3.40% की गिरावट छंटनी की खबरों के बाद आज ओला के शेयर में 3.40% की गिरावट रही। ये नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 54.90 रुपए पर बंद हुआ। बीते 6 महीने में शेयर में करीब 52% की गिरावट आई है। वहीं इस साल शेयर करीब 37% गिरा है। तीसरी-तिमाही में ओला का घाटा 50% बढ़ा ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 564 करोड़ रुपए का शुद्ध नुकसान (कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस) हुआ था। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 376 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। सालाना आधार पर कंपनी का लॉस 50% बढ़ा है। कंपनी ने 7 फरवरी को तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। ऑपरेशन से कंपनी के कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू की बात करें तो अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में यह 1,045 करोड़ रुपए रहा है। सालाना आधार पर इसमें 19% की कमी हुई है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी ने 1,296 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिली राशि को रेवेन्यू या राजस्व कहा जाता है। 2017 में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की हुई थी स्थापना बेंगलुरु स्थित ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की स्थापना 2017 में हुई थी। कंपनी मुख्य रूप से ओला फ्यूचर फैक्ट्री में इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी पैक, मोटर्स और व्हीकल फ्रेम बनाती है।

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