अंबिकापुर में गर्ल्स कॉलेज की छात्रा का 24 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। छात्रा ने स्वयं परिजनों को फोन कर कार सवार युवकों द्वारा अपहरण किए जाने की जानकारी परिजनों को दी थी। मामले की जांच के लिए पुलिस ने पांच टीमें गठित की हैं। छात्रा के अपहरण के बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई है। मामले को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। अंबिकापुर के राजमोहनी देवी पीजी कॉलेज में बी.कॉम सेकंड ईयर की छात्रा बौरीपारा निवासी खुशी दुबे शनिवार को कॉलेज गई थी। छात्रा ने अपने परिजनों को दोपहर में फोन कर कार सवारों द्वारा अपना अपहरण कर लिए जाने की जानकारी दी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। छात्रा के भाई ने शाम को मणिपुर थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसपी ने बनाई पांच पुलिस टीमें
सरगुजा एसपी योगेश पटेल ने मामले की जांच के लिए पांच पुलिस टीमें बनाई हैं। पुलिस टीमें छात्रा के अपहरण की गुत्थी सुलझाने की कोशिश में जुटी है। गौरव पथ एवं आसपास के क्षेत्रों के सीसी फूटेज खंगाले जा रहे हैं। हालांकि पुलिस को अब तक अपहरणकर्ताओं का कोई सुराग नहीं मिला है। परिजनों की बढ़ी चिंता
छात्रा के 24 घंटे बाद भी पता नहीं चलने से परिजन चिंतित हैं। छात्रा की मां ने बताया कि दो बजे खुशी से बात हुई थी। उसने खुशी से पूछा था कि यदि डांस समाप्त हो गया हो तो वह भाई को लेने के लिए भेजेगी। खुशी ने बताया था कि अभी पार्टी है। कुछ देर में वह कॉल करेगी। छात्रा की मां ने बताया कि 2.36 बजे खुशी ने अपने भाई को कॉल कर स्वयं को बचाने की गुहार लगाई और बताया कि कार सवार कुछ लोग उसका अपहरण कर ले जा रहे हैं। इसके बाद छात्रा का फोन छीन लिया गया और उसका बंद हो गया। पहले मिली थी धमकी
अपहृृत छात्रा खुशी दुबे की मां ने बताया कि छात्रा प्रोटीन पावडर बेचने वाली कंपनी से जुड़ी थी। उसके लेन-देन का कुछ विवाद हुआ था, जिसके कारण उसे धमकी मिली थी। छात्रा की जिस लड़के से बातचीत होती थी, वह घर में है। इसे लेकर छात्रा के परिजन परेशान हैं। सिंहदेव ने जताई चिंता
मामले को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने चिंता जताई है। टीएस सिंहदेव ने कहा कि बार-बार यही बात आ रही है कि कानून व्यवस्था चरमरा गई है। समाज में किसी गलत काम को रोकने में प्रशासन कार्रवाई करने में अक्षम दिखेगा तो सामान्य नागरिक के उपर कभी दबाव नहीं बन पाएगा। सिंहदेव ने कहा कि मैं नहीं जानता कि बच्ची का अपहरण किसने किया, लेकिन लोगों में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस का खौफ समाप्त होना एक चिंता की बात है। निष्पक्ष ईकाईयां यदि निष्पक्षता से काम नहीं करेंगी तो आने वाले समय में ऐसी स्थिति और दिखेगी।


