केकेएम कॉलेज में छात्रों ने मनाया बाहा पर्व:जहेर थान में की पूजा-अर्चना, आदिवासी समाज का दूसरा बड़ा त्योहार

केकेएम कॉलेज में आदिवासी समाज का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार बाहा पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आदिवासी समुदाय के नाइकी और परगनैत ने जहेर थान में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। अतिथियों का स्वागत आदिवासी परंपरा के अनुसार किया गया। पूजा के बाद प्रसाद वितरण हुआ। छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे पर पानी छिड़ककर पर्व का आनंद लिया। छात्र कमल मुर्मू ने बताया कि बाहा पर्व प्रकृति से जुड़ा हुआ है। नववर्ष के बाद प्रकृति के फल-फूल को छूने से पहले उनकी पूजा की जाती है। सखुआ वृक्ष के फूलों से पूजा की जाती है और चूजे की बलि दी जाती है। हम प्रकृति और वो हमारी रक्षा करती है मुर्मू ने कहा कि उनका मानना है कि प्रकृति की रक्षा करने से प्रकृति भी हमारी रक्षा करती है। अतिथि मसीही मरांडी ने बताया कि यह पर्व एक कथा पर आधारित है। आमतौर पर यह त्योहार तीन दिनों तक मनाया जाता है, लेकिन कॉलेज में एक दिन का आयोजन किया गया। छात्र संतोष मरांडी ने बताया कि तीन दिवसीय पर्व के हर दिन अलग-अलग रीति-रिवाज होते हैं। इस दौरान सभी प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेते हैं।

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