राज्य के 60 बिल्डरों ने झारखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (झारेरा) में अपने प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन कराए बिना ही फ्लैट की बिक्री शुरू कर दी। इन बिल्डरों ने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन तो दिया, लेकिन अन्य कागजात उपलब्ध नहीं कराए। अब झारेरा को इसकी याद आई। ऐसे बिल्डरों को नोटिस भेजकर 10 दिन में रजिस्ट्रेशन कराने की चेतावनी दी है। इसमें कहा गया है कि 28 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो सभी आवेदन रद्द कर दिए जाएंगे। इसके बाद संबंधित प्रोजेक्ट को अवैध घोषित कर उसे सील करने की कार्रवाई की जाएगी। फ्लैट खरीदारों से भी कहा गया है कि भविष्य में बिल्डर किसी तरह की धोखाधड़ी करता है या फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं होती है तो इसके लिए झारेरा जिम्मेदार नहीं होगा। खरीदारों से बिल्डरों द्वारा किए गए एग्रीमेंट की भी जानकारी मांगी गई है। आठ से अधिक फ्लैट वाले प्रोजेक्ट का झारेरा में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। आवेदन के बाद 30 दिन में झारेरा को यह रजिस्ट्रेशन करना है। रजिस्ट्रेशन नहीं तो खरीदारों पर क्या असर ये प्रोजेक्ट बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे यह अंतिम मौका: आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद करीब 100 बिल्डरों को नोटिस भेजा गया था। काफी बिल्डरों ने कागजात जमा किया और रजिस्ट्रेशन कराया। लेकिन 60 बिल्डरों ने न तो नोटिस लिया और न जवाब दिया। अब ऐसे बिल्डरों को अंतिम नोटिस दिया गया है। 10 दिन में संबंधित बिल्डर रजिस्ट्रेशन के लिए आगे नहीं आए तो उनके आवेदनों को रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद वारंट जारी करते हुए प्रोजेक्ट को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। -वीरेंद्र भूषण, झारेरा चेयरमैन


