रांची सहित पूरे राज्य को बुधवार को ठंड से हल्की राहत मिली। आसमान में बादल छाने की वजह से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस वजह से कनकनी के साथ लग रही ठंड अब नरम पड़ गई। मौसम विज्ञान केन्द्र रांची के निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी भारत में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हिमालय से ठंडी हवाएं कम आ रही हैं। दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस वजह से सर्दी से कुछ राहत मिली है। 19 दिसंबर से अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान बढ़ने से ठंड से राहत मिलेगी। 20 दिसंबर को राज्य के दक्षिणी और मध्य भाग में बारिश होगी। वहीं, कोल्हान के पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और मध्य क्षेत्र के अन्तर्गत रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, रामगढ़ में हल्के दर्जे की बारिश होगी। बारिश की वजह से 20 दिसंबर से दिन का तापमान भी 2 से 4 डिग्री तक गिरेगा। उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर से मौैसम में बदलाव होगा। रांची सहित आसपास के जिलों में सुबह में घना कोहरा दिखेगा। लेकिन न्यूनतम तापमान में कुछ गिरावट हो सकती है। इधर, बुधवार को रांची में ठंड से राहत मिली। पिछले 24 घंटे में रांची का न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री पर पहुंच गया है। ठंडी हवा भी कम चल रही है। हालांकि, रांची के कांके आैर मैक्लुस्कीगंज में अभी भी न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे है। रैन बसेरा तैयार है, पर परिजन अभी भी बरामदे में रिम्स में परिजनों के ठहरने के लिए 5 तल्ले का भवन एक साल से तैयार पड़ा है। लेकिन रिम्स प्रबंधन किसी तरह इसके पहले तल्ले पर 65 बेड ही उपलब्ध करा सका है। अगर ये भवन पूरी तरह फंक्शनल हो जाए, तो इस कड़ाके की ठंड में किसी को खुले बरामदे में रात नहीं गुजारनी होगी।


