कलेक्टर डी राहुल वेंकट और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में 70 ग्राम संगठनों की आजीविका उपसमिति का आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में महिलाओं को कृषि और गैर-कृषि आधारित आजीविका के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि इन आजीविका गतिविधियों को अपनाकर महिलाएं गरीबी से बाहर निकलकर लखपति दीदी बन सकती हैं। कार्यक्रम में 8 प्रमुख विभागों के साथ समन्वय की रणनीति पर चर्चा की गई। इन विभागों में मनरेगा, श्रम विभाग, क्रेडा, कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुधन विकास और उद्योग विभाग शामिल हैं। महिलाओं ने सरकारी योजनाओं से मिले लाभ के बारे में बताया विभिन्न गांवों से आई महिलाओं ने रोल-प्ले के माध्यम से सीखा कि वे अपने ग्राम संगठनों में इस जानकारी का प्रसार कैसे करेंगी। प्रतिभागियों को मनेन्द्रगढ़ के एक संकुल संगठन का दौरा भी कराया गया। महिलाओं ने सरकारी योजनाओं से मिले लाभ की सफलता के बारे में बताया। उन्होंने महतारी वंदन, आवास योजना, धान बिक्री और स्वयं सिद्धा ऋण योजना से मिले फायदों का जिक्र किया। बिहान से जुड़कर साप्ताहिक बैठकों से मिली जानकारी के लिए उन्होंने सरकार का आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षण जिला कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा संचालित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत कार्यालय से सिमेन्द्र सिंह, रितेश पाटीदार और स्वेता शर्मा उपस्थित रहे।


