लुधियाना | संयम शिरोमणि जैन भारती महाश्रमणी सुशील कुमारी महाराज 7 साल उपरांत नगर भ्रमण करते हुए जैन स्थानक नूरवाला रोड पधारे हैं। एसएस जैन सभा, नूरवाला श्री संघ के तत्त्वावधान में आयोजित कथा में महासाध्वी सुशील कुमारी ने फरमाया कि मनुष्य जन्म दुर्लभ है। इस जन्म को सार्थक बनाने के लिए मनुष्य का कर्तव्य है कि वह अपनी इस जुबान से निंदा चुगली न करें। अपितु वह भगवान के नाम का सुमिरन करें व महापुरुषों के गुणों का गुणगान करें। महासाध्वी ने कहा कि भगवान के गुणों का कीर्तन करने वाला ज्ञान-दर्शन-चारित्र रूपी अनमोल रत्नत्रय करके मोक्ष का शाश्वत सुख प्राप्त करता है। साध्वी शुभिता महाराज ने इस दौरान कहा कि जैन धर्म मे 24 तीर्थंकर भगवान हुए हैं। जिन्होंने अपने सम्यक पुरुषार्थ से अष्ट कर्मों की सघन बेड़िया काट कर मोक्ष का परम स्थान प्राप्त किया है। एसएस जैन सभा के महामंत्री अशोक जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 9 दिन रोजाना सुबह 8:30 बजे से जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्व नाथ जी के विभिन्न जीवन प्रसंगों पर प्रकाश डाला जाएगा। प्रवचन सभा में एसएस जैन सभा के प्रधान अवनीश जैन, वरिष्ठ उप प्रधान अभिनंदन जैन बोथरा, उप प्रधान अरुण जैन, महामंत्री अशोक जैन, कोषाध्यक्ष अरिहंत जैन, नीरज जैन, सुलक्षण जैन, अमित जैन आदि मौजूद रहे।


