भास्कर न्यूज | लुधियाना नेहरू सिद्धांत केंद्र ट्रस्ट ने अपने वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम एक शाम साहिर के नाम के तहत मैं तो जादू हूँ… आनंद बख्शी का आयोजन किया। यह संगीतमय संध्या महान गीतकार आनंद बख्शी को समर्पित थी, जिन्हें कविता का बादशाह कहा जाता है। कार्यक्रम में सुप्रिया जोशी, सर्वेश मिश्रा, संगीता मेलेकर, आनंद बहल, नवीन आनंद और निम्रता शर्मा ने आनंद बख्शी के कालजयी गीतों की प्रस्तुति दी। इसके अलावा, शायर ओबैद आज़मी, पृथ्वी हल्दिया, राकेश आनंद बख्शी और नंदिता कोडेसिया ने उनकी शख्सियत पर बातचीत की। इस अवसर पर प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री शर्मिला टैगोर को कला और संस्कृति में उनके योगदान के लिए 2025 के नूर-ए-साहिर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश भारती मित्तल ने कलाकारों और मेहमानों का स्वागत करते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। नेहरू सिद्धांत केंद्र ट्रस्ट इससे पहले एक शाम साहिर के नाम, जश्न-ए-साहिर, तथा रूह-ए-मजरूह, कविराज शैलेंद्र और साहिर कहां हो तुम जैसे प्रतिष्ठित कार्यक्रम आयोजित कर चुका है। ट्रस्ट ने पूर्व में वहीदा रहमान, धर्मेंद्र, अमजद अली खान और मुकेश चंद माथुर (मरणोपरांत) को भी नूर-ए-साहिर पुरस्कार से सम्मानित किया है।


