जयपुर| साइबर ठगों ने युवती को क्रेडिट कार्ड से फ्रॉड करना बताकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। ठगों ने प्रवर्तन निदेशालय विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) वित्त मंत्रालय-राजस्व विभाग भारत सरकार का गिरफ्तारी वारंट बनाकर युवती को वॉट्सएप पर भेज दिया, जिसे पढ़कर युवती डर गई। इसके बाद साइबर ठगों ने युवती से बैंक खाते की डिटेल मांगी। बैंक खाते की डिटेल बताते ही खाते से 28 हजार रुपए निकाल कर फोन काट दिया। ठगी की वारदात मानसरोवर निवासी हिमांगी के साथ हुई। सहायक निदेशक, प्रवर्तन निदेशालय मुंबई के गिरफ्तारी वारंट में लिखा है कि प्रवर्तन निदेशालय विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) वित्त मंत्रालय-राजस्व विभाग भारत सरकार एफआईआर. संख्या. आरसी6722/1124 दिनांक: 17.12.2024 गिरफ्तारी आदेश चूंकि मैं नीरज कुमार, सहायक निदेशक प्रवर्तन निदेशालय जोन-I मुंबई हूं, मेरे पास यह मानने के कारण हैं कि हिमांगी पुत्र या पुत्री राकेश लगभग 19 वर्ष को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (2003 का 15) के प्रावधानों के तहत दंडनीय अपराध का दोषी पाया गया है। अब, इसलिए, धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (2003 का 15) की धारा 19 की उपधारा (1) के तहत मुझे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं एस. लक्ष्मण के लिए दिनांक 17.12.2024 को 20:00 बजे गिरफ्तारी वारंट जारी करता हूं और उन्हें गिरफ्तारी के आधार के बारे में मुझे सूचित कर दिया है। ठग ऐसे जाल में फंसाते हैं साइबर ठग पहले शिकार की जानकारी जुटाते हैं, जैसे नाम, मोबाइल नंबर या पहचान पत्र की डिटेल। इसके बाद वे खुद को किसी सरकारी अधिकारी, पुलिस या साइबर क्राइम सेल का कर्मचारी बताते हुए की कॉल या मैसेज करते हैं। वे जिससे बात करते हैं उसको किसी अपराध या अनियमितता का मामला दर्ज होना बताते है। इसके बाद वे डिजिटल अरेस्ट का


