भास्कर न्यूज | कवर्धा विधानसभा में पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने किसानों के लिए प्रमाणिक बीज की मांग, आपूर्ति और कृषि विभाग द्वारा निर्मित तालाबों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने बीज और खाद वितरण को समयबद्ध करने, ट्रांसपोर्ट में हो रही देरी, बीज प्रमाणीकरण और बाजार में बिक रहे अमानक बीजों पर भी प्रश्न उठाए। भावना बोहरा के सवाल पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि कवर्धा में 1760.60 क्विंटल प्रमाणिक बीज की मांग थी, जिसमें 1470.70 क्विंटल भंडारित किया गया। वहीं सहसपुर लोहारा में 2212.80 क्विंटल की मांग पर 2197.80 क्विंटल भंडारण हुआ। पंडरिया विकासखंड में 812.50 क्विंटल की मांग पर 1024.30 क्विंटल बीज भंडारित किया गया। बीज वितरण से पहले प्रमाणीकरण प्रमाण पत्र देने का प्रावधान नहीं है। प्रमाणित बीज की बोरियों पर नीले रंग का टैग होता है, जो प्रमाणीकरण का प्रमाण है। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में भंडारण केंद्रों से लिए गए सभी बीज नमूने मानक स्तर के पाए गए। अमानक बीजों की कोई शिकायत नहीं मिली। भावना बोहरा ने बीज वितरण केंद्रों में किसानों की सुविधा सहित अन्य कार्यों की जानकारी पूछे। जिस पर बताए कि ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। किसानों को बीज सहकारिता विभाग के सुविधा केंद्रों से मिलता है, इसलिए वहां सुविधाएं बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। विधायक ने कहा- जुलाई से पूर्व शुरू हो बीज का वितरण भावना बोहरा ने जुलाई से पहले बीज वितरण शुरू करने की मांग की। उन्होंने सोयाबीन की खेती में गिरावट पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों से किसानों को जेएस 325 और 9560 बीज ही मिल रहे हैं, जो वायरस ग्रसित हैं। इससे उत्पादन घटा है। चावल में भी सिर्फ एचएमटी और सरना बीज ही दिए जा रहे हैं। नई किस्मों के बीज नहीं मिल रहे। उन्होंने कहा कि नई किस्मों के बीज से किसानों को अधिक लाभ होगा। निजी कंपनियों द्वारा अमानक बीज 16 से 17 हजार रुपये में बेचने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसान मजबूरी में यह महंगे बीज खरीद रहे हैं। कृषि मंत्री ने बताया कि बीज निगम प्रमाणिक बीज वितरित कर रहा है। निजी कंपनियों द्वारा अमानक बीज बेचना अपराध है। इस पर समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है।


