भिंड जिले के गोरमी के कृपे का पुरा गांव में आयोजित नेत्र शिविर में आयोजकों ने जांच में ग्रामीणों को पहले मोतियाबिंद बताया। फिर उसी दिन ग्वालियर के कालरा हॉस्पिटल में लाकर 6 बुजुर्गों का ऑपरेशन कर दिया। गांव लौटने के बाद जब ग्रामीणों ने आंखें खोलीं तो उन्हें दिखना ही बंद हो गया। बुधवार को चिरोंजीलाल सखवार, भागीरथ सखवार, चुन्नीबाई, राजवीर और भूरीबाई व चमेली बाई ने गोरमी में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी आंखों की रोशनी चली गई है। एक बुजुर्ग की तो जिस आंख में समस्या थी, उसकी बजाय दूसरी आंख का ऑपरेशन कर दिया। वह अब दोनों ही आंखों से नहीं देख पा रहे। संयुक्त समाजसेवी संस्था एवं निवारण हेल्थ वेलफेयर सोसाइटी ने 9 दिसंबर को कृपे का पुरा में नेत्र परीक्षण शिविर लगाया था। इसमें ग्वालियर के कालरा हॉस्पिटल की टीम पहुंची थी। टीम ने जांच में कुछ ग्रामीणों की आंख में मोतियाबिंद पाए जाने पर उन्हें ग्वालियर लाया। यहां हॉस्पिटल में डॉ. रोहित कालरा ने ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद इन ग्रामीणों से किराया लेकर वापस उन्हें गांव छोड़ा। आयुष्मान कार्ड लिया और अंगूठा भी लगवाया। ग्रामीणों का कहना है कि आंखों में परेशानी होने पर वह दोबारा हॉस्पिटल गए तो उनसे फीस लेने के बाद भी डॉक्टर ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वहां इलाज के बाद भी आंख में दर्द हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि तहसील जाने से से पहले वह थाने भी गए, लेकिन पुलिस ने आवेदन लेने से इंकार कर दिया।
हम अस्पताल वालों को नहीं जानते
अस्पताल वाले पेंपलेट बांट रहे थे तो उन्हें शिविर में बैठने कुर्सी दे दीं। उन्हें नहीं जानते। मेरे पिता डॉ. मुन्ना नरवरिया का नाम किसी ने पर्चे में गलत छपवा दिया। -मुकेश नरवरिया, नेत्र शिविर आयोजक के बेटे ग्रामीणों का दर्द दाहिनी की जगह बाईं आंख का ऑपरेशन किया
चिरोंजीलाल बोले-दाहिनी आंख का ऑपरेशन कराना था, लेकिन अस्पताल ने बाईं आंख का ऑपरेशन कर दिया। दोनों आंखों से रोशनी चली गई है। ऑपरेशन के बाद आंखों में राहत नहीं… दर्द बढ़ा चुन्नीबाई ने बताया कि जिस आंख का ऑपरेशन किया, उससे मुझे कुछ नहीं दिख रहा है। आंख में दर्द भी हो रहा है। आंख की पुतली सफेद हुई… दिखना बंद हुआ
चमेलीबाई ने बताया कि ऑपरेशन के बाद आंख की पुतली सफेद हो गई है। देख नहीं पा रहीं। दोबारा उसी डॉक्टर पास गए तो बोले-इसमें मैं क्या कर सकता हूं, मैं कोई भगवान नहीं हूं। अस्पताल पर कार्रवाई करेंगे
नेत्र शिविर की अनुमति नहीं ली गई। यह शिविर कैसे आयोजित हुआ पता करते हैं। संबंधित अस्पताल पर कार्रवाई करेंगे। – डॉ. शिवराम सिंह कुशवाह, सीएमएचओ, भिंड भिंड सीएमएचओ से पूंछेंगे
नेत्र शिविर के बारे में भिंड के सीएमएचओ से जानकारी लेंगे। जांच के बाद हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। -डॉ. सचिन श्रीवास्तव, सीएमएचओ, ग्वालियर


