भास्कर न्यूज | अमृतसर नगर निगम और पार्षद चुनावों में कई तरह के वादे किए जा रहे हैं, लेकिन शहर को स्वच्छ बनाने और सार्वजनिक शौचालयों में सफाई व्यवस्था सुधारने की दिशा में जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रयास नहीं हो रहे हैं। शहर के सार्वजनिक शौचालयों की हालत दयनीय है तो कहीं शौचालय बनवाए ही नहीं गए। दरअसल लॉरेंस रोड, महांसिंह, कंपनी बाग, गेट हंकीमा के पास समेत कई इलाकों में पब्लिक टॉयलेट बने हुए हैं, लेकिन इनमें सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। कहीं तो पानी तक नहीं आ रहा। शहर में 46 सुलभ शौचालय बनाए गए हैं, जिनमें से केवल 25 को नगर निगम से मॉर्डन टॉयलेट बनाया गया है। लेकिन इनमें साफ सफाई का प्रबंध नहीं है। कई शौचालय तो ऐसे एरिया में बनाए गए हैं जहां वह नशेड़ियों के काम आ रहे हैं। रंजीत एवेन्यू ए-ब्लाक मार्केट, रंजीत एवेन्यू ए ब्लाक, बसंत एवेन्यू, सामने सरकारी स्कूल थाना बी डिवीजन, गेट भगतांवाला, गेट हकीमांवाला, गोलबाग नजदीक योगा आश्रम, सामने पीबीएन स्कूल बाएं हाथ गोलबाग, सामने हालगेट, चाटीविड गेट, टुंडा तालाब जोन नंबर 4, सामने बेरीगेट नजदीक रिक्शा स्टैंड, पिक प्लाजा मार्केट, गेट खजाना, कम्यूनिटी टायलेट गुजराती बस्ती, बैकसाइड चित्रा सिनेमा, हिदुस्तानी बस्ती बैकसाइड मेन रोड पर स्थित हैं। ^गंदे शौचालय के प्रयोग करने से कई तरह का इंफेक्शन हो सकता है। फंगल इंफेक्शन की ज्यादा संभावना होती है। महिलाओं के लिए शौचालय साफ सुथरे होने जरूरी हैं। क्योंकि आजकल वेस्टर्न सीट का प्रयोग करने से यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन हो सकता है। यदि यहां सफाई नहीं होगी तो एक महिला से दूसरी में स्किन रोग के साथ अन्य वायरल संक्रमण भी हो सकता है। -डॉ. आभा शर्मा, गायनी डॉक्टर ^नगर निगम की अनदेखी और लापरवाही से शहर के सार्वजनिक शौचालय दुर्दशा का शिकार हो चुके हैं। जनता को स्वच्छता सुविधाओं के लिए आवाज उठानी पड़ रही है, लेकिन समाधान होता नहीं दिख रहा। अब देखना होगा कि नगर निगम जल्द कार्रवाई करता है या यह समस्या और विकराल रूप लेती है। महिलाओं की सुविधा के िलए और शौचालयों का प्रबंध होना चाहिए। – मनीषा, कामकाजी महिला ^महां सिंह स्थित पब्लिक टॉयलेट बनाया गया है। यह भीड़भाड़ वाला एरिया है, क्योंकि बस स्टैंड और दरबार साहिब की ओर इसी एरिया से लोगों का आना जाना होता है। लेकिन यहां बिलकुल भी सफाई नहीं है। हालात इतने खराब हैं कि यहां से गुजरना भी मुश्किल होता है। लोग इसका प्रयोग ही नहीं करते। पुतलीघर भी एक पब्लिक शौचालय होना चाहिए। -जेनिका बेरी, स्टूडेंट ^सभी डॉक्टर की ओर से घर के शौचालयों समेत आसपास के एरिया को साफ रखने की सलाह दी जाती है। क्योंकि डायरिया से लेकर इबोला, निमोनिया, गले में संक्रमण और त्वचा रोगों का गंदे शौचालय के प्रयोग से खत्तरा रहता है। नगर निगम को इस मुद्दे पर खास ध्यान देना चाहिए। चुनाव में भी महिलाओं के िलए यह कदम उठाने का पहला प्रयास होना चाहिए -डॉ. तनवी अरोड़ा


