फर्जी नंबर प्लेट का गेम…:बच गए तो ठीक, चालान हुआ तो जिसका नंबर… वही भरेगा

भोपाल में बड़ी संख्या में फर्जी नंबर के वाहन दौड़ रहे हैं। वाहन चेकिंग के दौरान दस्तावेज चेक नहीं किए जाते, इस वजह से लोग फर्जी नंबर लिखवाकर वाहन चला रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ, जब चालान मिलने के बाद लोगों ने ट्रैफिक थाने में शिकायत की। इस साल ऐसे 20 से ज्यादा मामले सामने आए। लोगों का कहना है कि आईटीएमएस से उन्हें चालान भेजे गए हैं। लेकिन, चालान में गाड़ी का जो फोटो भेजा गया, वह उनकी गाड़ी नहीं है। सिर्फ नंबर उनकी गाड़ी का है। पुलिस ने यदि चालान भेजने से पहले फोटो और परिवहन के ऐप से वाहन का मिलान किया होता तो गफलत नहीं होती। बाद में ट्रैफिक पुलिस ने इन चालानों को लिस्ट से हटाया। गाड़ी नंबर- एमपी-04 क्यूएस 7562 15 मई 2024 अयोध्या बायपास चालान का कारण : हेलमेट नहीं पहनना
असल में नंबर स्कूटर का है। यह अर्पण पीटर के नाम पर है। वे बताते हैं कि मेरा स्कूटर टीवीएस का है। मुझे तो चालान आने पर पता चला। चालान में मेरे स्कूटर का नंबर बाइक पर लगा है। ऐसी तस्वीर इसलिए… क्योंकि पुलिस सिर्फ सीट बेल्ट, हेलमेट ही देखती है, कागजात नहीं आगे क्या… ऐसे नंबरों को सर्विलांस पर डाला जा रहा, अब पुलिस की नजर से बच नहीं पाएंगे ऐसा हो तो ट्रैफिक पुलिस को सूचना दें, वरना लगाने पड़ेंगे कोर्ट के चक्कर अगर आपको भी लगता है कि गलत चालान दिया गया है, तो उसे अनदेखा न करें। इसके लिए ट्रैफिक के कंट्रोल रूम में एक आवेदन दें। उसके बाद उस नंबर को चालान से हटा दिया जाएगा। अगर आप इसकी शिकायत नहीं करते हैं, तो चालान की लिस्ट में आपके नंबर पर चालान बना रहेगा। चालान नहीं भरने या शिकायत नहीं करने पर कोर्ट तक में जाना पड़ सकता है। आईटीएमएस से बनने वाले चालान को लेकर अगर किसी को आपत्ति आती है, तो वे यहां पर शिकायत कर सकते हैं। सत्यापन करने के बाद उनका चालान कैंसिल कर दिया जाता है। ऐसे वाहनों के नंबर सर्विलांस पर डाले जा रहे हैं। यह शहर में कहीं भी मूवमेंट करेंगे तो पुलिस की नजर में आ जाएंगे और पकड़े जाएंगे। ‌-अजय बाजपेयी, एसीपी ट्रैफिक पुलिस

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