भास्कर न्यूज | जामताड़ा सिविल सर्जन कार्यालय के सभाकक्ष में बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला हुई। सिविल सर्जन डॉ. आनंद मोहन सोरेन ने अध्यक्षता की। कार्यशाला में शिक्षा विभाग के पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और सभी प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक शामिल हुए। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी के निर्देश पर स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के तहत यह कार्यशाला आयोजित हुई। सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग पहले से मिलकर काम कर रहे हैं। बेहतर परिणाम के लिए समन्वय जरूरी है, ताकि सरकारी योजनाएं सफल हो सकें। वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. डीसी मुंशी ने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। कार्यशाला में आरकेएसके के तहत मेंस्ट्रूअल हेल्थ स्कीम, विकली आयरन फोलिक सप्लीमेंटेशन और स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम पर विस्तृत चर्चा हुई। इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विमर्श किया गया, ताकि स्कूलों में पढ़ने वाले किशोरों के स्वास्थ्य की बेहतर मॉनिटरिंग हो सके। कार्यक्रम समन्वयक उज्जवल पाठक ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के जरिए कार्यक्रम के सभी इंडिकेटर की विस्तृत जानकारी दी। स्कूलों में कार्यक्रम के संचालन की प्रक्रिया भी समझाई। एएच काउंसलर अनु ने स्कूली छात्र-छात्राओं में बढ़ते एनीमिया के मामलों पर जानकारी दी। एनीमिया को कम करने और इसकी सतत मॉनिटरिंग की जरूरत पर जोर दिया। इस पर स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सहमति जताई और आवश्यक कदम उठाने की बात कही। कार्यशाला में शिक्षा विभाग से एपीओ रश्मि एक्का, सभी प्रखंडों के बीईईओ, बीपीओ और बीपीएम मौजूद रहे।


