डॉक्टरी की पढ़ाई का स्तर सुधारने की फिक्र नहीं:10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आधे शिक्षक भी नहीं, 5 और कॉलेज खोलेंगे

प्रदेश सरकार ने डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए बजट में जशपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की है। जबकि जांजगीर चांपा, कवर्धा, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में ऐलान के बावजूद अब तक मेडिकल कॉलेज शुरू नहीं हो सके। लेकिन चिंता डॉक्टरी की पढ़ाई के स्तर को लेकर है, क्योंकि मौजूदा 10 सरकारी कॉलेजों में जरूरत के आधे भी शिक्षक नहीं हैं। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि इनमें प्रोफेसर के 48%, एसोसिएट प्रोफेसर के 51% और असिस्टेंट प्रोफेसर के 60% पद खाली हैं। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की 16 अगस्त 2023 को जारी अधिसूचना के मुताबिक एमबीबीएस सीट के अनुपात में संकाय सदस्य होने चाहिए। जहां 100 सीट हैं, वहां प्रति संकाय 9 या 10 फैकल्टी होनी चाहिए। जैसे, एनाटॉमी में 1 प्रोफेसर, 1 एसोसिएट प्रोफेसर, 2 सहायक प्रोफेसर, 4 टयूटर/डिमॉन्सट्रेटर, 2 वरिष्ठ रेजिडेंट होने चाहिए। फिजियोलॉजी में 1 प्रोफेसर, 1 एसोसिएट प्रोफेसर, 2 सहायक प्रोफेसर, 3 ट्यूटर/डिमॉन्सट्रेटर, 2 वरिष्ठ रेजिडेंट होना जरूरी है। एनएमसी के नियमानुसार 100 MBBS छात्रों पर 9 फैकल्टी जरूरी प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की ये है स्थिति 1 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कांकेरः
एनाटॉमी का एक भी प्रोफेसर नहीं। एसोसिएट प्रोफेसर भी नहीं। दो असिस्टेंट प्रोफेसर और दो डिमॉन्सट्रेटर के भरोसे पढ़ाई हो रही है। फिजियोलॉजी में कोई प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर नहीं है। एक असिस्टेंट प्रोफेसर, एक डिमॉन्सट्रेटर है। बायोकेमिस्ट्री में कोई भी प्रोफेसर, एसोसिएट, असिस्टेंट और डिमॉन्सट्रेटर नहीं है। एक सीनियर रेंजिडेंट के भरोसे पढ़ाई। 2 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज
कोरबाः एनाटॉमी में कोई प्रोफेसर नहीं। एक एसोसिएट प्रोफेसर, दो असिस्टेंट प्रोफेसर और 3 डिमॉन्सट्रेटर हैं। फार्माकोलॉजी में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर नहीं। एक असिस्टेंट प्रोफेसर और तीन डिमॉन्सट्रेटर के भरोसे पढ़ाई। बायोकेमिस्ट्री में प्रोफेसर नहीं है। एक एसोसिएट प्रोफेसर, दो असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। इसी तरह, माइक्रोबायोलॉजी में प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर नहीं है। एक असिस्टेंट प्रोफेसर और तीन डिमॉन्सट्रेटर के भरोसे हो रही पढ़ाई। 3 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज
राजनांदगांव नाटॉमी में प्रोफेसर नहीं है। एक एसोसिएट प्रोफेसर, एक असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। डिमॉन्सट्रेटर दो हैं, इनमें से एक संविदा पर। बायोकेमिस्ट्री में एक प्रोफेसर और एक असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। दोनों संविदा पर हैं। एसोसिएट प्रोफेसर नहीं हैं। डिमॉन्सट्रेटर 3 हैं, इसमें से दो संविदा और एक नियमित हैं। फार्माकोलॉजी में एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और एक असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, यह तीनों संविदा पर हैं। तीन डिमॉन्सट्रेटर हैं, इनके भरोसे ही पढ़ाई हो रही है। 4 सिम्स बिलासपुर : एनाटॉमी का कोई प्रोफेसर नहीं है। असिस्टेंट प्रोफेसर भी नहीं हैं। तीन एसोसिएट प्रोफेसर हैं और तीन डिमॉन्सट्रेटर के भरोसे पढ़ाई। फार्माकोलॉजी में एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर हैं, दोनों संविदा पर हैं। एक असिस्टेंट प्रोफेसर और 7 डिमॉन्सट्रेटर हैं, इनमें से दो संविदा पर हैं। फिजियोलॉजी में कोई प्रोफेसर नहीं। MONTIRE OF MEDICAL SCIENCES एसोसिएट प्रोफेसर एक और दो असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत हैं। डिमॉन्सट्रेटर तीन हैं लेकिन इनमें से दो संविदा पर हैं। शिक्षकों की भर्ती का बना रहे हैं प्रस्ताव
छात्रों को अच्छी चिकित्सा शिक्षा देना हमारी प्राथमिकता में है। इसलिए प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों के सैलरी पैकेज रिवाइज कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की भर्तियां हम लगातार कर रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षकों की नई भर्ती का प्रस्ताव भी बनाया जा रहा है। ताकि भविष्य में कहीं भी स्टॉफ की कमी नहीं होगी। – श्यामबिहारी जायसवाल, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़

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