छत्तीसगढ़ प्रदेश पंचायत सचिव संघ के सदस्य अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कांकेर में 454 पंचायत के करीब 300 सचिव पिछले 3 दिनों से सचिव हड़ताल पर बैठे है। मांग पूरी न होने तक डटे रहने और 1 अप्रैल को मंत्रालय घेराव की चेतावनी दी है। हड़ताल से पंचायतों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन रुक गया है। सचिव अपनी एकमात्र मांग – शासकीय करण पर अड़े हुए हैं। वे इस मांग की पूर्ति के बाद ही काम पर लौटने की बात कर रहे हैं। हड़ताल पर बैठे सचिवों का कहना है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उनके शासकीय करण का वादा किया था। छत्तीसगढ़ बजट में भी इस संबंध में कोई प्रस्ताव न आने पर वे हड़ताल पर चले गए। सचिवों की अनुपस्थिति से काम रुका त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद हितग्राही विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने पंचायत पहुंच रहे हैं। लेकिन सचिवों की अनुपस्थिति में उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है। नवनिर्वाचित सरपंचों का कहना है कि प्रभार मिलने के बावजूद सचिव न होने से कोई काम नहीं हो पा रहा है। मंत्रालय का घेराव करने की चेतावनी सचिव संघ ने आगे की रणनीति भी तैयार कर ली है। 1 अप्रैल को सभी सचिव रायपुर में एकत्र होकर मंत्रालय का घेराव करेंगे। उनका कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, प्रदर्शन जारी रहेगा। बता दें कि सचिवों ने 17 मार्च को रायपुर में एक दिवसीय धरना दिया। इसके बाद से वे 18 मार्च से ब्लॉक मुख्यालयों में डटे हुए हैं।


