गढ़वा | जिला मुख्यालय समेत कई क्षेत्रों में रमजान- उल- मुबारक का तीसरा जुमा की नमाज अदा की गई। इस अवसर पर नमाजियों में बढ़ोत्तरी होने के कारण मस्जिद इंताजामिया कमेटियों के द्वारा वजू का पानी सहित ध्वनि विस्तारक यंत्र का बेहतर इंतजाम किया गया था। शहर के जामा मस्जिद रांकी मोहल्ला में पेश इमाम हाफिज अब्दुस्समद नें नमाज- ए- जुमा अदा कराई। जबकि टंडवा मस्जिद में मौलाना शाहजाद आलम मिसवाही,इंदिरा गांधी रोड स्थित छोटी मस्जिद में मौलाना लियाकत हुसैन,उंचरी मस्जिद में मुफ़्ती मो यूनुस,मदरसा तबलिगुल इस्लाम स्थित मस्जिद-ए- तैबामें मुफ्ती मोजाहिद हुसैन व कल्याणपुर मस्जिद में मौलाना यूसूफ अंसारी ने जुमा की नमाज अदा कराई। नमाज- ए- जुमा को लेकर मुस्लिम मोहल्लो में आज सुबह से ही चहल पहल देखी गई। जुमा की नमाज अदा करने के लिए नमाजी पूर्वाह्न 11 बजे से ही मस्जिदों में दाखिल होने लगे थे। नमाज-ए- जुमा के अवसर पर जकात व फितरा मांगने वालों की भीड़ सभी मस्जिदों के पास देखी गई। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के कई लोगों को अपने- अपने घर के मरहुमिनों के नाम से गरीबों को इफ्तार कराने के साथ ही खाना खिलाया। वहीं रमजान- उल -मुबारक महीने के दौरान पढ़ी गई कुरआन- ए- पाक को बख्शवाया। नमाज-ए- जुमा के अवसर पर उपस्थित नमाजियों को संबोधित करते हुए जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज अब्दुस्समद ने कहा कि हर मुसलमानों को जकात व फितरा निकाल कर गरीबों में तकसीम करनी चाहिए। ताकि गरीब व असहाय लोग भी खुशी- खुशी ईद का त्योहार मना सकें। भास्कर न्यूज | डंडई प्रखंड मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में रमजान उल मुबारक के तीसरे जुम्मा की नमाज अदा की गई। प्रखंड मुख्यालय डंडई स्थित जामा मस्जिद में हाफिज मंजर आलम ने तीसरे जुम्मा की नमाज अदा कराई। वही रारो जामा मस्जिद में पेश इमाम मौलाना मुस्तकीम मिस्बाही जरही में हाफिज कयामुद्दीन, बालाझखड़ा में हाफिज सज्जाद रजा तसरार में हाफीज अरशद ने तीसरे जुम्मा की नमाज अदा कराई। इधर, रमजान माह के तीसरे जुम्मा को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज कि औरतें कुरान ए पाक कि तिलावत करने के पश्चात अपने घरों कि साफ-सफाई करते देखे गए। जबकि छोटे-छोटे बच्चे से लेकर बड़े तक साफ सुथरे व नए नए कपड़े पहन, इत्र व खुशबू लगाकर मस्जिदों में अपनी जगह पक्की करते देखे गए। पवित्र माह रमजान का तीसरा जुम्मा को लेकर मस्जिदों में काफी भीड़ देखी गई। वही मस्जिद इंतजामियां कमेटी के द्वारा वजू का पानी, टेंट, जानमाज, ध्वनि विस्तारक यंत्र का बेहतर इंतजाम किया गया था। नमाज के अवसर पर उपस्थित नमाजियों को संबोधित करते हुए बैलाझखड़ा जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज सज्जाद रजा ने कहा कि माहे रमज़ान को तीन अशरो में बांटा गया है। पहला अशरा रहमत का होता है। दूसरा अशरा मगफ़िरत का और तीसरा अशरा निजात पाने का होता है। हर अशरे कि अपनी अपनी विशेषताएं व दुआएं होती हैं। इस महीने में रोजेदारों पर अल्लाह का खास करम रहता है। मुसलमान पूरे महीने भूखे प्यासे रहते हुए अल्लाह की इबादत में मशगूल रहते हैं। फित्रा व जकात की रकम निकालने के बारे में लोगों को नसीहत करते हुए कहा कि सभी लोगों को फितरा व जकात की रकम निकालनी चाहिए। ताकि गरीब, मिस्कीन, यतीम, दबे कुचले सभी लोग खुशी-खुशी ईद मना सकें।


