धार में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। शुरूआती शिकायत में पीड़िता ने अपने दोस्त को बचाने के लिए किसी दूसरे किशोर का नाम ले दिया। इस पर पुलिस ने दुष्कर्म सहित अपहरण की धारा में प्रकरण दर्ज किया, लेकिन जब अगले दिन महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता की काउंसिलिंग की तो किशोरी ने पुलिस को सच बताया। जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी कश्णा को गिरफ्तार किया है। दरअसल, 17 दिसंबर को कोतवाली थाने पर आकांक्षा (परिवर्तित नाम) अपने परिजनों के साथ पहुंची। पुलिस को शुरूआती बयानों में आकांक्षा ने बताया कि 16 दिसंबर को सुबह घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी तभी अजय (परिवर्तित नाम) ने उसे शहर के राजवड़ा क्षेत्र से अपहरण कर लिया और चिकल्यिा गांव ले गया। जहां पर उसने पुराने घर में उसके साथ रेप किया। पुलिस ने मामले में नाबालिग के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म व पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। काउंसिलिंग में बताया सच इसके बाद 18 दिसंबर को किशोरी फिर थाने पर पहुंची। इस बार महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता की काउंसिलिंग की, तो उसने ने बताया कि असली अपराधी अजय नहीं बल्कि कश्णा है। कश्णा से उसकी दोस्ती है, घटना वाले दिन उसने ही रेप किया था, लेकिन परिवार के डर से और कश्णा को बचाने के लिए अजय का नाम बता दिया। अजय किशोरी को सात महीने पहले एक पारिवारिक आयोजन में मिला था, तब से उसकी अजय के साथ बातचीत थी। इसी कारण प्रकरण में अजय का नाम लिखा दिया था। किशोरी के बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी कश्णा को थाने में तलब कर गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि पहले लड़की ने एक अन्य नाबालिग का नाम लिखवाया था लेकिन अगले दिन काउंसिलिंग में लड़की ने सच बताया। इसी आधार पर आरोपी कश्णा को गिरफ्तार किया गया है।


