धान खरीदी केंद्रों में भारी शार्टेज को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रबंधकों से वसूली करने अन्यथा थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं। इससे प्रबंधक प्रताड़ित हो रहे हैं। हर धान उपार्जन केन्द्रों में धान की सूखत राशि आठ लाख से लेकर पच्चीस लाख तक पहुंच सकती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अकेले रायपुर जिले में 12 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।


