राजधानी रांची में किडनी रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इनमें से अधिकांश मरीजों को डायलिसिस की जरूरत होती है, जिसके लिए उन्हें रिम्स या सदर अस्पताल आकर डायलिसिस कराना होता है। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों होती है, क्योंकि उन्हें सप्ताह में 2 से 3 बार डायलिसिस के लिए लंबी यात्रा कर रिम्स या सदर अस्पताल पहुंचना पड़ता है। इससे न केवल उन्हें असुविधा होती है, बल्कि कई बार घंटों इंतजार भी करना पड़ता है। इस वजह से कई मरीजों की तबीयत और बिगड़ने लगती है। इन परेशानियों से निजात दिलाने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। जिले के किडनी रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। वर्तमान में रांची जिले के रातू और बुंडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डायलिसिस यूनिट शुरू हो गई है। धीरे-धीरे सभी प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में डायलिसिस यूनिट स्थापित की जाएंगी। इसके लिए जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा स्थान चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रोज रिम्स-सदर में 70 डायलिसिस हर दिन रिम्स के पेइंग वार्ड डायलिसिस यूनिट में 35 मरीजों की डायलिसिस होती है, अन्य विभाग में 12 से 15 मरीजों की होती है। सदर अस्पताल में 20 से 25 मरीजों को डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। प्रतिदिन रिम्स व सदर अस्पताल में डायलिसिस कराने वाले 75% मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। गांव के मरीजों को मिलेगी राहत अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को रांची आकर घंटों इंतजार कर डायलिसिस कराना पड़ता था। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को अपने नजदीकी अस्पताल में ही डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। इससे न केवल समय और पैसे की बचत होगी, सेहत पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। ओरमांझी व अनगड़ा सीएचसी में भी जल्द शुरू होगी डायलिसिस वर्तमान में रांची जिले के रातू और बुंडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डायलिसिस यूनिट शुरू हो गई है। इन दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन 5 से 8 मरीजों को मुफ्त डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि पहले चरण में रातू और बुंडू सीएचसी में डायलिसिस यूनिट शुरू की गई है। अब अगले चरण में ओरमांझी और अनगड़ा सीएचसी में यह सुविधा शुरू करने की योजना है। हंस फाउंडेशन पूरी तरह मुफ्त करा रहा डायलिसिस सदर अस्पताल और रिम्स में डायलिसिस कराने के लिए गैर-आयुष्मान कार्डधारकों को 1200 से 1400 रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन हंस फाउंडेशन द्वारा संचालित इस डायलिसिस योजना के तहत सभी मरीजों, चाहे वे आयुष्मान कार्डधारी हों या न हों, उन्हें मुफ्त डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। जिला स्वास्थ्य समिति ने हंस फाउंडेशन के साथ करार किया है। अभी रातू और बुंडू सीएचसी में मुफ्त डायलिसिस की जा रही है।


