वित्त रहित हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों के अनुदान राशि में 75 प्रतिशत वृद्धि करने और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर मंगलवार को शिक्षकों और कर्मचारियों ने महा धरना दिया। वित्त रहित शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले धरना दे रहे शिक्षकों ने कहा कि दो बार अनुदान में वृद्धि को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन राशि की कमी बताकर प्रस्ताव को वापस कर दिया गया। मोर्चा के रघुनाथ सिंह ने बताया कि अनुदान राशि में वृद्धि को लेकर प्रस्ताव पर विभाग की स्वीकृति प्राप्त है। चांदेश्वर पाठक, अरविंद सिंह, फजलुल कादरी अहमद, मनीष कुमार, देवनाथ सिंह, नरोत्तम सिंह, रणजीत मिश्रा, कुंदन कुमार सिंह, रेशमा बे, बिरसो उरांव ने कहा कि वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी कर्मचारी का दर्जा देने के लिए सदन में घोषणा की गई थी। स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा इस मामले में कार्मिक विभाग को दो-दो स्मार पत्र भी भेज चुका है। लेकिन स्थिति यथावत है। मोर्चा द्वारा उपरोक्त दोनों मांगों के समर्थन में राजभवन के समक्ष धरना देगा, जिसकी तिथि बाद में घोषित की जाएगी। उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करने को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है।


