डीएसपीएमयू का अखरा मंगलवार को सरहुल के गीतों से झूम उठा, जब एक साथ कॉलेज के पांच हजारों छात्रों ने सरहुल पूर्व संध्या में पारंपरिक परिधान पहने, ढोल-मादंर के साथ सरहुल के पारंपरिक गीतों पर नृत्य किया। डीएसपीएमयू के आदिवासी छात्र संघ की ओर से आयोजित सरहुल पूर्व संध्या में सरहुल पर्व का समय करीब आने की खुशी और उत्साह सभी छात्रों में दिखा। खिली धूप में सरहुल के गीतों पर झूमते छात्र, वातावरण में सरई के फूल की आती भीनी-भीनी खुशबू सभी को सरहुल के पहुंचने का संदेश दे रही थी। कुलपति डॉ. तपन कुमार शांडिल्य ने छात्र-छात्राओं के साथ अखरा में नृत्य कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। आयोजन समिति में आदिवासी छात्र संघ के आरयू अध्यक्ष अमृत मुंडा, कार्यकारी अध्यक्ष दयाराम, उपाध्यक्ष वसीम अंसारी, अभिषेक राज, कोषाध्यक्ष राकेश रोशन, डीएसपीएमयू की अध्यक्ष दीपिका कच्छप, कार्यकारी अध्यक्ष बादल भोक्ता, उपाध्यक्ष सोनम लकड़ा, तुषार कच्छप आदि शामिल थे। ऋ तु बसंत आइले पहाड़ पर्वत हरियाई..आदिवासी हॉस्टल के छात्रों ने खोड़हा नृत्य किया शुरुआत जगलाल पाहन ने पूजा कर की। आदिवासी हॉस्टल के छात्रों ने खोड़हा नृत्य किया। लाल पाड़ साड़ी व धोती पहने, ढोल-मांदर संग सरहुल के पारंपरिक गीतों पर नृत्य पेश किए। ऋतु बसंत आइले पहाड़ पर्वत हरियाई.., केकर लागिन आयो गे झालइर मडेंवा…., एंदेर पूपन एंदेर पूपन… गीतों पर नृत्य किया। राजनीति विभाग, इकॉनोमिक्स और इतिहास विभाग के छात्र-छात्राओं ने ए रे मोर झारखंड ले ले जोहार ले…, चल सहिया चल सरहुल खेले चल…, आंबा मंजईर गेल… जैसे गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति दी।


