आप विधायक दिलजीत सिंह ग्रेवाल (भोला) के बड़े भाई के साथ बदमाशों ने मारपीट कर लूटपाट की। विरोध करने पर तीन बदमाशों ने विधायक के भाई पर दात से हमला कर घायल कर दिया। हमले में पीड़ित के 13 टांके हाथ पर आए हैं। पेट और सिर पर करीब 26 टांके आए हैं। पुलिस ने घटना के 14 दिन बाद अज्ञात पर पर्चा दर्ज किया है। घटना थाना टिब्बा के क्षेत्रांतर्गत टिब्बा रोड पर 11 मार्च की सुबह हुई। पीड़ित बलवंत सिंह ग्रेवाल वासी गुरु गोविंद सिंह ने बताया कि वह विधायक भोला के ताया के बेटे हैं। 11 मार्च की सुबह 4 बजे के करीब वह दूध लेने के लिए घर से निकले थे। वापसी के दौरान उनके दोनों हाथों में दूध के डोलू थे। जब वह घर से 150 मीटर की दूरी पर सत्संग घर के करीब पहुंचे तो एक बाइक पर सवार 3 बदमाश उनके पास पहुंचे। उन्होंने आते ही सोने की अंगूठी निकाल कर देने की बात कही, लेकिन उन्होंने विरोध किया। आरोपियों ने दात से उनके सिर पर हमला कर दिया। दूसरे बदमाश ने उनके पेट पर दात से वार किया। आरोपियों ने धमकी देकर और हाथ पर हमला करते हुए अंगूठी निकालने की कोशिश की। 30 सेकेंड तक आरोपियों से भिड़े दो इंस्पेक्टर लाइन हाजिर: पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल ने छह एसएचओ और तीन सब इंस्पेक्टर के तबादले किए हैं। पुलिस कमिश्नर ने थाना टिब्बा के एसएचओ भगतवीर और थाना सलेम टाबरी के एसएचओ बिट्टन कुमार को लाइन हाजिर किया है। गौरतलब है कि टिब्बा इलाके में विधायक दिलजीत सिंह ग्रेवाल (भोला) के बड़े भाई के साथ हुई मारपीट और लूट की घटना के 14 दिन बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी, जिसको लेकर सवाल उठ रहे थे। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों का पता नहीं कर पाई और अज्ञात लोगों पर पर्चा दर्ज किया है। वहीं, थाना सलेम टाबरी के एसएचओ बिट्टन कुमार को भी लाइन हाजिर कर उनकी जगह इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह को एसएचओ नियुक्त किया है। इंस्पेक्टर परदीप सिंह को थाना मेहरबान का एसएचओ बनाया गया है, जबकि सब इंस्पेक्टर जसपाल सिंह को एसएचओ टिब्बा का चार्ज सौंपा गया है। बलवंत सिंह ने हिम्मत करते हुए उनका सामान किया। करीब 30 सेकेंड तक पीड़ित और बदमाशों के बीच हाथापाई होती रही। आरोपी 4 हजार की नकदी लूटकर फरार हो गए। जख्मी हालत में घर पहुंचकर पीड़ित ने परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने घायल को अस्पताल भिजवाया। बलवंत सिंह ने बताया कि उसी दिन की दोपहर 2 बजे थाना टिब्बा की पुलिस घटना की शिकायत भी दी। घटना की सीसीटीवी वीडियो भी सामने आई है। जिसमें पीड़ित पर हमला करते हुए देखा जा सकता है। वहीं मामले में मामले में थाना टिब्बा के एसएचओ भगतवीर का कहना है कि पहले बयान गलत दर्ज हुए थे। उसी वजह से ही केस देरी से दर्ज हुआ है।


