बिलासपुर नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (MIC) की पहली बैठक हुई। जिसमें सड़क, नाली, पानी और लाइट जैसे बुनियादी मुद्दों के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर 37 प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस दौरान केवल 2 प्रस्ताव को छोड़कर सभी प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इस दौरान MIC के सदस्यों ने घरों तक पानी पहुंचाने निगम द्वारा प्लास्टिक यानी पीवीसी की पाइपलाइन बिछाने का विरोध किया। वहीं, स्ट्रीट लाइट लगाने के टेंडर की प्रक्रिया पर भी सदस्यों ने आपत्ति जताई। बैठक में गर्मी में पेयजल की समस्या से निपटने के लिए पाइप लाइन विस्तार, जल विभाग में जरूरी संसाधन की खरीदी के साथ जरूरत पड़ने पर बोर खनन की स्वीकृति दी गई। पांच करोड़ का टेंडर निरस्त नगर निगम में नई सरकार बनने के बाद बुधवार की शाम महापौर पूजा विधानी ने MIC की पहली बैठक ली। इसमें 37 प्रस्ताव रखे गए और 35 प्रस्ताव पारित हो गए। दो प्रस्ताव को संशोधन के लिए रोक गया। इसमें विद्युत विभाग में स्ट्रीट लाइट व पोल लगाने के लिए पांच करोड़ के टेंडर को निरस्त करते हुए ठेका समाप्त किया गया है। इसका फिर से टेंडर कर पोल व लाइट लगाई जाएगी। इसी तरह जल विभाग में लगाए जा रहे प्लास्टिक पाइपलाइन की जगह लोहे की पाइपलाइन लगाने का निर्णय लिया गया। ताकि पाइप लाइन में लंबे समय तक खामियां न आए। बैठक में सभी पुराने प्रस्ताव पर चर्चा बैठक में सबसे पहले मेयर ने MIC सदस्यों और अफसरों का एक-दूसरे से परिचय कराया। इसके बाद एजेंडों पर चर्चा की गई। बैठक में एक भी नए प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हुई। अफसरों ने बताया कि शहर के वार्डों में घरों तक पानी की व्यवस्था के लिए पीवीसी पाइपलाइन बिछाने की योजना है और इसे लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इस पर सभी सदस्यों ने एक स्वर से आपत्ति जताई। उनका कहना था कि पीवीसी पाइप टिकाऊ नहीं होते हैं और इससे अक्सर लीकेज की समस्या बनी रहेगी। पानी की समस्या के समाधान के दिए निर्देश मेयर पूजा विधानी ने जल शाखा के अफसरों से पूछा कि शहर के किन वार्डों में सबसे ज्यादा पानी की समस्या रहती है। साथ ही उन्होंने गर्मी में जल आपूर्ति के लिए टैंकर की व्यवस्था की जानकारी भी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी क्षेत्र में पानी की किल्लत न हो इसके लिए संसाधन बढ़ाएं। उन्होंने सभी वार्डों में पानी की समस्या का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए हैं। अरपापार के विकास पर सबसे ज्यादा फोकस बैठक के दौरान जोन-1 से लेकर जोन-8 तक अलग-अलग प्रस्ताव पेश किए गए। इनमें अरपापार के विकास कार्यों को लेकर सबसे ज्यादा प्रस्ताव लाए गए। 37 प्रस्तावों में से जोन- 7 से ही 6 प्रस्ताव शामिल थे। इसी तरह नए वार्डो में आने वाले ग्राम घुरू, खमतराई, बिजौर, लिंगियाडीह, कोनी और सकरी में होने वाली पेयजल की समस्या से निपटने के लिए राशि स्वीकृत की गई। इस तरह से 35 प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। किश्तों में वसूली जाए यूजर चार्ज व बकाया बैठक में यूजर चार्ज और बकाया वसूली को लेकर सख्ती का मुद्दा भी उठाया गया। इस दौरान एमआईसी के सदस्यों ने कहा कि लोगों से यूजर चार्ज अधिक लिया जा रहा है, इसे कम करने पर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही 3 से 4 साल की बकाया वसूली एकमुश्त करने से लोगों पर दबाव पड़ रहा है। इसे किश्त में वसूलने की सलाह दी गई। दैनिक वेतनभोगी व वाहन चालकों का कार्यकाल बढ़ेगा बैठक में बताया गया कि निगम में 302 दैनिक वेतनभोगी व टास्क फोर्स के कर्मचारी हैं। इनका कार्यकाल खत्म हो चुका है। लेकिन अब तक नया टेंडर नहीं हो सका है। इसलिए इनका कार्यकाल 5 महीने तक बढ़ाने की जरूरत है। नियमानुसार ऐसा करने पर 12 प्रतिशत अधिक भुगतान करना पड़ेगा। इसके साथ ही वाहन शाखा में भी ड्राइवर व हेल्परों का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया। इस प्रस्ताव को भी सहमति से पास कर दिया गया है। हालांकि इससे निगम को लाखों रुपए का नुकसान होगा। साथ ही जोन-2 में 146 प्लेसमेंट कर्मचारियों की भर्ती भी की जाएगी। व्यापारियों को तीन केटेगरी में मिलेगी दुकानें अधिकारियों ने बताया कि पुराना बस स्टैंड चौक से इमलीपारा तक सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत यहां पर मौजूद 88 दुकानों को तोड़ा गया है। इन दुकानदारों को स्मार्ट सिटी के तहत वहीं पर बन रही शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में जगह देनी है। इसके लिए सभी को ए,बी व सी कैटेगरी में बांट दिया गया है। ए कैटेगरी में ऐसे 5 दुकानदार हैं, जिनकी लीज जीवित है। वहीं बी कैटेगरी में 9 व्यवसायी हैं, जिनकी लीज खत्म हो चुकी है। वहीं 74 व्यवसायी ऐसे हैं जिनके पास लीज के संबंध में दस्तावेज नहीं हैं। एमआईसी मेंबर को मिलेगा चेंबर बैठक में एमआइसी सदस्यों ने नगर निगम आयुक्त अमित कुमार से मांग रखी कि सभी एमआईसी सदस्यों के साथ जोन अध्यक्षों को सर्वसुविधा युक्त चेंबर आंबटित किया जाए। इस पर चेंबर देने आयुक्त ने हरी झंडी दी। मालूम हो कि महापौर, सभापति को विकास भवन में चेंबर दिया गया है। ऐसे में 14 एमआईसी मेंबरों को विकास भवन में चेंबर दिया जाएगा। इसी तरह 8 जोन के 8 अध्यक्षों को जोन कार्यालय में चेंबर की सुविधा दी जाएगी। अप्रैल प्रथम सप्ताह से चेंबर आंबटित करने की प्रकिया शुरू कर दी जाएगी। बैठक में सभापति विनोद सोनी, निगम आयुक्त अमित कुमार के साथ एमआइसी सदस्य केशरी इंगोले, श्याम कुमार साहू, तिलकराम साहू, बंधू मौर्य, प्रकाश यादव, संजय यादव, विजय ताम्रकार, रेखा पांडेय, सीमा संजय सिंह, दिनेश देवांगन, मोतीलाल गंगवानी, कुसुम महाबली कोशले, रुपाली गुप्ता, सुनीता जगत के साथ नगर निगम के सभी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


