भास्कर न्यूज | गुमला शहर में वाहनों से अवैध रूप से टैक्स वसूली थम नहीं रही है। नियमत: ट्रकों से टैक्स वसूली का कोई प्रावधान नहीं है। बावजूद ट्रकों के ड्राइवरों-खलासियों को धमकाकर अवैध तरीके से रुपए की उगाही की जा रही है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश वर वसूली की व्यवस्था में महज इतना सुधार दिख रहा है कि अब संवेदक द्वारा प्राधिकृत कर्मी ड्रेस और आईडी कार्ड में नजर आ रहे हैं। साथ ही वसूली के लिए चयनित स्थल के आसपास ही वसूली कर रहे हैं, लेकिन अवैध वसूली का खेल बदस्तूर जारी है। स्थानीय लोग इसकी शिकायत कर रहे हैं। साथ ही मांग करते हुए कह रहे है कि संवेदक व कर्मियों पर जिला प्रशासन के निर्देश का भी कोई असर नहीं है। तत्काल अवैध वसूली पर नियंत्रण लगना चाहिए। अन्यथा अवैध वसूली के चक्कर में कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। रांची से गुमला होते हुए छत्तीसगढ़ जाने वाले ट्रक चालक इस अवैध वसूली से परेशान हैं। उनके विरोध के बावजूद कर्मी अपनी मनमानी कर रहे है और पर्ची थमा कर उनसे रुपए की वसूली की जा रही है। सिसई रोड के स्थानीय निवासी ने वसूली का वीडियो बनाकर सार्वजनिक किया है। जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि कर्मी जबरन ट्रक के खलासी से टैक्स की मांग कर रहा है। विरोध करने पर भी कर्मी पर कोई असर नहीं दिखा और रुपए लेने के बाद ही ट्रक को छोड़ा गया। इस प्रकार का नतीजा अमूमन रोजाना सुबह से रात तक देखा जा रहा है। चूंकि वसूली की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। जिस कारण रात के अंधेरे में भी ट्रक चालकों का आर्थिक दोहन किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि एक अप्रैल से सैरात नए संवेदक के हवाले हो जाएगी, लेकिन इसमें सिर्फ पालकोट रोड के ऑटो पड़ाव के सैरात को छोड़ बाकी सैरात शिव सोनी की ही रह जाएगी। इस बार भी सभी सैरात उच्चतम बोली के आधार पर उन्होंने ही लिया है। इसलिए प्रशासन सुनिश्चित कराएं कि टैक्स वसूली में कोई अवैध वसूली न हो। साथ ही जिन वाहनों से जितना टैक्स लेना है। उसपर दर संबंधित स्थल पर बड़े बोर्ड और अक्षरों में अंकित किया जाए।


