भास्कर न्यूज | गुमला समाहरणालय भवन स्थित सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी एवं पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में आगामी ईद, रामनवमी एवं सरहुल को लेकर विधि-व्यवस्था संधारण हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी अनुमंडल दंडाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक में पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों से रूट वेरिफिकेशन, विवादास्पद स्थलों की वर्तमान स्थिति, शहरी क्षेत्र में सीसीटीवी की व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों में वीडियोग्राफी एवं लाइटिंग की समुचित व्यवस्था तथा पशु तस्करी की रोकथाम से संबंधित विस्तृत चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि लाइसेंसी एवं गैर-लाइसेंसी जुलूस मार्गों की पहचान कर सुरक्षा की दृष्टि से विशेष निगरानी रखी जाए। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि रामनवमी के जुलूस में बजने वाले डीजे गीतों की पूर्व जांच एवं सत्यापन किया जाए। थाना प्रभारी पूर्व में ही पेन ड्राइव में रिकॉर्डेड गानों का सत्यापन कर लें और किसी भी भड़काऊ गीत को प्रतिबंधित करें। डीजे संचालकों को भड़काऊ गाने न बजाने संबंधी लिखित अंडरटेकिंग लेने का निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया एवं आवश्यक निर्णय लिए गए। उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। अलर्ट मोड पर रहें अधिकारी : डीसी : उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पूर्व तैयारी आवश्यक है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सभी अधिकारी अलर्ट मोड में रहें और शांति समिति की बैठकें जहां नहीं हुई हैं। वहां शीघ्र आयोजित करें। ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। जिसमें कैमरों की जांच एवं मरम्मत तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक नियंत्रण की योजना शामिल है। पशु तस्करी पर निगरानी के लिए अभियान तेज : पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पशु तस्करी पर विशेष निगरानी रखते हुए चेकिंग अभियान तेज किया जाए। जुलूस निकालने वाले सभी समूहों को समय पर लाइसेंस जारी किए जाएं। अखाड़ा समितियों एवं वालंटियर्स के नाम लाइसेंस में दर्ज किए जाएं। पूजा समितियों के लिए यह निर्देश दिया गया कि वे डीजे मालिकों एवं वाहन संख्या की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया पर भी सतर्क दृष्टि रखने एवं किसी भी अफवाह अथवा भ्रामक सूचना के प्रसार को रोकने के लिए विशेष मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।


