लुधियाना| निजी स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे नर्सरी से 12वीं तक की पूरी फीस विवरण, वार्षिक शुल्क, ट्यूशन फीस, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टडी मटेरियल से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करें। वहीं, बिना इजाजत 8% से अधिक फीस बढ़ाने पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा, स्कूल प्रबंधन को पेरेंट्स के साथ मीटिंग अनिवार्य रूप से करनी होगी और उन्हें किताबें व वर्दियां किसी एक दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा। शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई तब हुई जब निजी स्कूलों ने मनमाने ढंग से फीस बढ़ाकर दाखिले कर लिए और एनसीईआरटी की जगह निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबें थोप दीं। अब पेरेंट्स किताबें खरीद चुके हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने अब जाकर आदेश जारी किए हैं। यदि किसी स्कूल के खिलाफ पेरेंट्स की शिकायत मिलती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी और विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।


