भास्कर न्यूज| चाईबासा जिला परिषद सदस्य और आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के जिला अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा के नेतृत्व में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, चाईबासा कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, चाईबासा, पश्चिमी सिंहभूम के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसकी प्रतिलिपि मंत्री, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, उपायुक्त और उप विकास आयुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को भी दी गई। जॉन मिरन मुंडा ने कहा कि पेयजल संकट गंभीर हो चुका है। सरकार इस समस्या को दूर करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण सभी योजनाएं विफल हो गई हैं। घर-घर नल-जल योजना और जलमीनार बेकार पड़े हैं। लोग गंदे नाले का पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद की बैठकों में बार-बार इस मुद्दे को उठाया जाता है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। एक सप्ताह में सुधार का वादा किया जाता है, लेकिन यह सप्ताह कभी नहीं आता। जिले के सभी गांवों और प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों और जलमीनारों की सूची प्रशासन को सौंपी गई है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द इनकी मरम्मत कराई जाए। साथ ही जिला स्तर पर टीम बनाकर सभी खराब चापाकलों और जलमीनारों की जांच कराई जाए।


