बोड़ो हवाई अड्‌डा विस्तार पर सरकार की लगी मुहर जमीन अधिग्रहण के लिए जिले को मिले

बजरंगी महतो|गिरिडीह पिछले आठ सालों से अधर में लटकी बोड़ो हवाई अड्‌डा रनवे विस्तार व जीर्णोद्धार कार्य को हेमंत सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसमें फिलहाल बोड़ो जो हवाई अड्‌डा का रनवे है, उसमें करीब एक किमी का विस्तार होना है। इसमें करीब 60 करोड़ 75 लाख रुपए खर्च की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त है। इसी आलोक में सरकार ने 35 करोड़ रुपए गिरिडीह जिला को निर्गत करते हुए रनवे विस्तार का काम शुरू करने का निर्देश दिया है। सरकार से मिली इस राशि से पहले चरण में रनवे विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण की तैयारी में गिरिडीह जिला प्रशासन जुट गया है। इस बाबत उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा की ओर से जिला भू-अर्जन विभाग को तत्काल कार्यवाही का आदेश दिया गया है। प्रोजेक्ट के मुताबिक प्रशासन को रनवे विस्तार के लिए कुल 25 एकड़ जमीन की जरूरत है। 7.07 एकड़ सरकारी गैरमजरूआ जमीन मौजूद है, लेकिन 17.97 एकड़ जमीन सरकार को रैयतों को मुआवजा देकर उससे अधिग्रहण करनी पड़ेगी। फिलहाल सरकार से प्राप्त 35 करोड़ की राशि जमीन अधिग्रहण में खर्च की जाएगी। जमीन अधिग्रहण के पहले मापी पूरी हो चुकी है। जिन रैयतों की जमीन हवाई अड्‌डा में जा रही है, उसे चिह्नित भी किया जा चुका है। लेकिन, सरकारी प्रक्रिया के तहत अधियाचना के बाद अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। बता दें कि गिरिडीह के विधायक सह झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू अपने पूर्व के कार्यकाल से ही इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने की दिशा में जुटे थे और गुरुवार को सरकार के आदेश की कॉपी के साथ सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए हर्ष जताया। वर्तमान में कोई अनुसूचित वाणिज्यिक सेवाएं नहीं बोड़ो एयरोड्रोम के नाम से जाना जाने वाला यह सार्वजनिक हवाई अड्डा है, जो पचंबा थाना क्षेत्र के बोडो में स्थित है। हवाई अड्डा पर वर्तमान में कोई अनुसूचित वाणिज्यिक सेवाएं नहीं हैं और इसका उपयोग केवल निजी कंपनियों और सरकारी विमानों द्वारा किया जाता है। लेकिन, रनवे विस्तार के साथ ही बहुप्रतीक्षित बोड़ो हवाई अड्डा से बड़े विमान के उड़ान भरने की उम्मीद अब बढ़ जाएगी। जो गिरिडीह के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसमें ​अतिरिक्त 25.04 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही रनवे और बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। तकनीकी स्वीकृति राज्य सरकार से प्राप्त हो चुकी है। गैरमजरूआ जमीन पर बसे लोगों में बैचेनी हवाई अड्‌डा रनवे विस्तार की खबर मिलते ही रैयतों में खुशी की लहर दौड़ गई है। वहीं, जिन्होंने गैरमजरूआ जमीन पर कब्जा कर आलिशान मकान बना रखा है, उन लोगों की बैचेनी बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक सरकारी आंकड़ों में 18 एकड़ जमीन मुआवजा भुगतान कर रैयतों से ली जाएगी। लेकिन, जो 7.07 एकड़ गैरमजरूआ जमीन चिह्नित की गई है, उसमें आधे से अधिक पर लोगों का कब्जा है। कई लोगों ने मकान, दुकान व मिनी फैक्ट्री लगा रखी है। प्रावधान के मुताबिक गैरमजरूआ वालों को कोई मुआवजा नहीं मिलने वाला है। डीसी ने जारी किया जमीन अधिग्रहण का आदेश उपायुक्त ने कहा कि हवाई अड्डा विस्तारीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसमें वितीय वर्ष 2024-25 में 35 करोड़ रुपए का आवंटन प्राप्त हो चुका है। शेष 25 करोड़ ए वितीय वर्ष के बजट से मिलने की संभावना है। 25.04 एकड़ भूमि अधिगृहित की जाएगी। इसमें 17.97 एकड़ भूमि रैयती है और 7.07 एकड़ भूमि सरकारी गैर मजरूआ है। सभी रैयतों और भूमि ( रैयत/ गैर मजरुआ) पर खड़ी संरचना और पेड़ को हटाने के लिए नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। रनवे का विस्तार व नए बाउंड्री वॉल का निर्माण होगा।

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