कांग्रेस की ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक आज दिल्ली में हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल भी शामिल हुए। यह कमेटी आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद, गुजरात में होने वाले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) अधिवेशन के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार कर रही है। पहली बैठक 26 मार्च को आयोजित की गई थी, लेकिन उसी दिन CBI की रेड की वजह से भूपेश बघेल इसमें शामिल नहीं हो सके थे। आज की बैठक में उन्होंने अहम मुद्दों पर चर्चा की और आगामी अधिवेशन की रणनीति को लेकर अपने सुझाव रखे। ड्राफ्टिंग कमेटी में कौन-कौन शामिल? ड्राफ्टिंग कमेटी में संयोजक रणदीप सुरजेवाला के साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। अधिवेशन में कांग्रेस भविष्य की रणनीति तैयार करेगी इस अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस की नीतियों को मजबूत करना, संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करना और आगामी चुनावों की रणनीति तय करना है। ड्राफ्टिंग कमेटी पार्टी के विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर दस्तावेज तैयार करेगी और कांग्रेस की विचारधारा को स्पष्ट रूप से पेश करेगी। किन मुद्दों पर होगा काम? ड्राफ्टिंग कमेटी इन विषयों पर फोकस करेगी: अहमदाबाद में 8-9 अप्रैल को एआईसीसी अधिवेशन, 3000 से ज्यादा नेता होंगे शामिल कांग्रेस का अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) अधिवेशन 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद में आयोजित होगा, जिसमें 3000 से अधिक नेता और पूरा केंद्रीय नेतृत्व शामिल होगा। अधिवेशन की शुरुआत 8 अप्रैल को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक से होगी, जिसके बाद 9 अप्रैल को एआईसीसी प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की जाएगी। इन महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे। इस अधिवेशन में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। हार के बाद नई रणनीति गुजरात में कांग्रेस के लिए यह अधिवेशन अहम माना जा रहा है क्योंकि हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में मिली हार के बाद पार्टी संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस की भूमिका को और स्पष्ट करने के लिए यह अधिवेशन महत्वपूर्ण है।


