भास्कर न्यूज | सरायकेला झारखंड शिक्षा परियोजना के तहत एनआर प्लस टू उच्च विद्यालय, सरायकेला में पीएमश्री मेले का भव्य आयोजन किया गया। इस मेले में 10 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और स्थानीय भाषाओं व संस्कृतियों का प्रदर्शन किया। अत्यधिक धूप रहने के कारण व शिक्षा विभाग द्वारा पर्याप्त रूप से धूप से बचने के लिए व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण छात्रों को काफी परेशानी हुई। मेले में झारखंड की प्रमुख पांच भाषाओं संथाली, हो, मुंडारी, उड़िया और बंगाली के समागम को देखा गया। विभिन्न विद्यालयों के छात्रों ने अपनी मातृभाषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिससे झारखंड की विविधता और एकता का सुंदर चित्रण हुआ। सरायकेला के आरईओ नवल किशोर ने बताया कि पीएमश्री मेला का मुख्य उद्देश्य छात्रों को विभिन्न स्थानीय संस्कृतियों से परिचित कराना है। यह कार्यक्रम विभिन्न समुदायों के बीच भाषाई और सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा देता है, जिससे बच्चे एक-दूसरे की परंपराओं को समझ सकें और आपसी भाईचारे की भावना विकसित हो। मेले में विभिन्न नृत्य, गीत, नाटक और प्रदर्शनी के माध्यम से छात्रों ने अपनी-अपनी संस्कृतियों को प्रस्तुत किया। इस दौरान स्थानीय लोक गीतों और पारंपरिक परिधानों का भी प्रदर्शन किया गया, जिससे झारखंड की सांस्कृतिक समृद्धि झलक रही थी। इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, शिक्षकों और अभिभावकों का भरपूर सहयोग मिला। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मेलों का आयोजन किया जाएगा, जिससे झारखंड की भाषाई व सांस्कृतिक विविधता को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके।


