जालंधर | इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट्स की जालंधर शाखा ने शुक्रवार को जालंधर में बैंक ऑडिट पर सेमिनार करवाया। इसमें समूह सदस्यों को बैंक ऑडिट के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई है। सेमिनार में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष सीए अतुल कुमार गुप्ता ने विचार रखे। उन्होंने देश में बैंक जैसे सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों के पारदर्शी और स्वस्थ कामकाज में लेखा परीक्षकों के महत्व और भूमिका पर प्रकाश डाला। शाखा चेयरमैन सीए पुनीत ओबराय ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट में सेमिनार अहम हिस्सेदारी निभाते हैं। उद्योग जगत में सीए की भूमिका अहम है। चार्टेड अकाउंटेंट्स को प्रासंगिक बने रहने के लिए बदलते समय के साथ कौशल पर महारत बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह महिला सदस्यों के साथ-साथ पेशे के युवा सदस्यों के सशक्तिकरण के लिए काम करेंगे। इस अवसर पर दिल्ली के बैंक ऑडिट के प्रसिद्ध फैकल्टी सीए लोकेश गुप्ता ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कृषि और एमएसएमई अग्रिमों की जांच पर कई जटिल बिंदुओं पर प्रकाश डाला। आईआरएसी मानदंडों पर चर्चा की गई और सीबीएस वातावरण में बैंक ऑडिट करने के लिए सदस्यों को विशेष सुझाव दिए गए। शाम के लिए परियोजना निदेशक सीए दीप्ति सग्गी थीं और उन्होंने मंच को बहुत प्रभावी ढंग से संभाला। सत्र का शुभारंभ सचिव सीए अभिनव विज ने किया और शाखा के उपाध्यक्ष सीए विवेक पर्ती ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में जालंधर, होशियारपुर, फगवाड़ा, नवांशहर और आसपास के अन्य क्षेत्रों के 150 से अधिक सीए ने भाग लिया। इस दौरान सीए अंकुर गोयल, कोषाध्यक्ष, सीए गगनदीप सिंह, सीए भूपिंदर सिंह, सीए ऋषभ अग्रवाल, सीए आईएस अरोड़ा, सीए प्रियंका वर्मा शामिल रहे।


