पिता को नक्सलियों ने क्यों मार दिया पता नहीं: लक्ष्मी

जिले के मेंढका डोबरा मैदान में गुरुवार को 220 जोड़ों का हिंदू रीति रिवाजों से और 3 जोड़ों का विवाह क्रिश्चन नियमों के हिसाब से संपन्न करवाया गया। इस बार विवाह में जोड़ों के खाते में 35 हजार रुपए दिए और 7 हजार में मंगलसूत्र, पायल बिछिया और वर-वधु का जोड़ा लिया गया था। इस बार मुख्यमंत्री कन्या विवाह में पहले की तरह सामान जोड़ों को नहीं दिया गया, बल्कि कन्या के खाते में 35 हजार की राशि डाली गई। इससे पहले सरकारी शादी में सामान दिया जाता था, जिसको लेकर हमेशा सवाल खड़े होते थे। पंचायत सचिव ने किया कन्यादान : दंतेवाड़ा में हुए 220 जोड़ों के विवाह में नक्सल पीड़ित युवती से सीआरपीएफ जवान ने शादी रचाई। जवान इस समय खूंखार नक्सली हिड़मा के गांव पूवर्ती कैंप में तैनात है, वहां से छुट्टी लेकर जवान नक्सल पीड़ित युवती से शादी करने दंतेवाड़ा पहुंचा था, युवती कटेकल्याण ब्लॉक के माहराकरका गांव की रहने वाली है।
वधु लक्ष्मी ने बताया उसके पिता भीमा कुंजाम की 2018 में नक्सलियों ने हत्या कर दी थी, पिता की मौत के कुछ दिन बाद मां की भी मौत हो गई थी, लक्ष्मी अनाथ हो गई थी, अब उसे सीआरपीएफ जवान का सहारा मिला है। नक्सली पीड़ित वधु और सीआरपीएफ जवान विवाह के बंधन में बंधते। मुख्यमंत्री कन्या विवाह में 220 जोड़े शादी के बंधन में बंधे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह में सभी जोड़ों के साथ परिजन आशीर्वाद देने पहुंचे थे पर लक्ष्मी को आशीर्वाद देने कोई नहीं पहुंचा था। भुसरास के पंचायत सचिव राजेश कुंजाम ने लक्ष्मी का कन्यादान किया। वधु लक्ष्मी ने बताया, जिससे मेरा विवाह हो रहा है वह बस्तर में नक्सलियों के गढ़ में तैनात है। इस बात के लिए उसे गर्व है। लक्ष्मी ने बताया पिता को नक्सलियों ने क्यों मार दिया था यह उसे नहीं मालूम।

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