जिले में साल 2025 में पंचायत चुनाव संभावित है। इसमें पंच, सरपंच, जनपद सदस्य चुने जाएंगे, लेकिन इस बार आप इनका चुनाव थोड़ा सोच-समझ ही करें। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले बार यानी 2019-2020 में चुने गए कई सरपंचों ने अपने पद का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया। किसी भी सरकारी योजना को नहीं छोड़ा। इन पर विकास के पैसे पर भ्रष्टाचार करने आरोप लगे है। जिले में पांच साल के भीतर पामगढ़, अकलतरा व नवागढ़ क्षेत्र के सात सरपंचों के खिलाफ धारा 40 के तहत कार्रवाई करने की अनुशंसा की है। इसमें से तीन पंचायतों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है। उन्हें इस साल सरपंच पद से हटा दिया है। दरअसल ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए पंचायत के खाते में हर साल कई योजनाओं से करोड़ों रुपए की राशि दी जाती है, लेकिन गांव में कई सरपंच पैसे को हजम कर रहे हैं। विकास कार्यों के उलट जनप्रतिनिधि इन पैसों का सही इस्तेमाल करने के बजाए इसमें घोटाला किए जा रहे हैं। इस साल भी कई पंचायतों में ऐसा ही हुआ है। सरपंच द्वारा भ्रष्टाचार करने की शिकायत लोगों ने की। जांच के बाद ये शिकायत सही पाई गई है। इसलिए एसडीएम कोर्ट से उन्हें हटाने के लिए आदेश पारित किया है। बता दें कि इन सरपंचों को हटाने के लिए गांव वालों ने विरोध प्रदर्शन भी किया है। उसके बाद ही अकलतरा के कोटमीसोनार, पोड़ीदल्हा पामगढ़ के कमरीद व बलौदा के ग्राम हेडसपुर सरपंच का हटाया गया है। इन 4 पंचायतों में अब तक कार्रवाई नहीं इस साल अकलतरा जनपद क्षेत्र के पोड़ीदल्हा, कोटमीसोनार, चंगोरी, कल्याणपुर, अकलतरी सरपंच के खिलाफ धारा 40 लगाने की अनुशंसा हुई थी। इसमें पोड़ीदल्हा, कोटमीसोनार सरपंच को हटा दिया गया था। सरपंच पर फर्जी बिल बनाकर राशि का गबन करने के आरोप लगे थे। लेकिन चंगोरी, कल्याणपुर, अकलतरी व नवागढ़ के ग्राम खोखसा सरपंच के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है प्रकरण प्रशासन के पास लंबित है। मामला एसडीएम कोर्ट में चल रहा ^कुछ सरपंचों के खिलाफ अब भी धारा 40 का मामला एसडीएम कोर्ट में चल रहा है। कल्याणपुर में सरपंच द्वारा तालाब पाटने की शिकायत मिली थी। सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई एसडीएम कोर्ट से की जाएगी। -गोकुल रावटे, जिला पंचायत सीईओ जांजगीर-चांपा 200 पूर्व सरपंच हैं बकाएदार जिले में करीब 266 सरपंच ऐसे बकाएदार हैं, जिन्होंने लंबे समय से शासन की 2 करोड़ 8 लाख 67 हजार रुपए से ज्यादा की राशि में गड़बड़ी की है। जबकि उन्हें इस राशि को गांव का विकास कार्यों में खर्च करना था। उन्होंने शासन से मिली राशि को गांव के निर्माण कार्यों में ना तो खर्च किया औैर ना ही राशि शासन को लौटाई है। 100 से अधिक पूर्व सरपंचों को एक लाख या उससे ऊपर की राशि लौटानी है। अकलतरा में सर्वाधिक बकाएदार जिले के अकलतरा जनपद पंचायत में सबसे ज्यादा बकायादार हैं। अकलतरा में 74, जैजैपुर में 44, नवागढ़ में 42 पूर्व सरपंचों ने शासकीय राशि जमा नहीं कराया है। पंचायत चुनाव पास आते ही इन सभी बकायादार को नोटिस जारी की जाएगी। सरपंच की मृत्यु हो जाने पर उनके वारिसों से वसूली की जाती है।


