चतरा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की खस्ता हालत का उदाहरण सामने आया है। सिमरिया रेफरल अस्पताल में सड़क हादसे में घायल हुए युवकों को इलाज के लिए लाया गया था। यहां से उन्हें हजारीबाग रेफर किया गया। अस्पताल में एम्बुलेंस नहीं होने की वजह से परिजनों का निजी वाहन से दोनों को ले जाया गया। जिससे नाराज परिजनों ने जम कर हंगामा किया। कोयला लदा ट्रक से टकराई थी बाइक जानकारी के मुताबिक सिमरिया-टंडवा मेन रोड पर बाबा पेट्रोल पंप के पास एक कोयला वाहन ने बाइक सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी। घायलों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सिमरिया रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान हर्षनाथपुर निवासी 28 वर्षीय सुरभिल भुईंया की मौत हो गई। अन्य दो घायल मुकेश भुईंया और राकेश भुईंया को हजारीबाग रेफर किया गया। लेकिन अस्पताल में एम्बुलेंस नहीं होने से परिजनों को निजी वाहन से घायलों को ले जाना पड़ा। सिमरिया मेन रोड पर शव रख किया हंगामा आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सुरभिल के शव को सिमरिया मुख्य चौक पर रखकर सड़क जाम कर दिया। प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी और मुखिया मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम हटाया गया। अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय ने एम्बुलेंस की अनुपलब्धता को गंभीर मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। अस्पताल में नहीं हुआ सही से इलाज मृतक के भाई अनुज कुमार ने बताया कि कोयला लदे हाइवा ट्रक से हादसा हुआ। जिसके बाद अस्पताल लाया गया। यहां न तो सही तरीके से जांच की और न ही इलाज हो सका। हजारीबाग रेफर किए जाने के बाद दो घंटे तक इंतजार करने के बाद भी एम्बुलेंस नहीं पहुंचा। अस्पताल में व्यवस्था ठीक हो, हम इसकी मांग करते हैं।


