टाइगर रिजर्व में 78, कोरिया के 28 और मनेंद्रगढ़ में 26 जगह आग, दो निलंबित

भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर कोरिया और एमसीबी जिले के जंगल पूरी तरह से आग की चपेट में है। हालांकि बीते दिनों दो तक हुई बारिश से थोड़ी राहत वन विभाग के अफसरों को जरूर मिली थी, लेकिन महुआ बीनने ग्रामीणों ने फिर से जंगल में आग लगा दी। कोरिया के टाइगर रिजर्व ने भी 78 जगहों पर आग लगने की जानकारी दी है, जबकि एमसीबी जिले में पहले की तुलना में आग पर काबू पाया गया है। वहीं कोरिया वन मंडल के दो बीट गार्ड को निलंबित कर दिया गया है। गर्मी शुरू होते ही जंगल में आग की घटनाएं सामने आने लगती हैं। अब तक जंगल में आगजनी की घटनाएं सामने आ रही थी, लेकिन अब कोरिया जिले के टाइगर रिजर्व में भी भीषण आग लगी हुई है। दिन-रात वनकर्मी ब्लोअर लेकर आग बुझाने के काम में जुटे हुए है। सबसे बुरा हाल इन दिनों कोरिया वन मंडल का है, जहां जंगल में आगजनी के बाद दो बीट गार्ड को ही निलंबित कर दिया गया है। आग की भयावहता को ध्यान में रखते हुए एडिशनल पीसीसीएफ का दौरा 30 मार्च को प्रस्तावित है। इधर, कोरिया और एमसीबी जिले के वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार टाइगर रिजर्व में 78, कोरिया वन मंडल के 28 व मनेंद्रगढ़ वन मंडल के 26 स्थान बीट आग की चपेट में है। इधर, टाइगर रिजर्व में जंगली जानवरों की सुरक्षा को लेकर भी परेशानी बढ़ गई है। इसके चलते टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बसे गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को जंगल में महुआ बीनने आग नहीं लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। हालांकि अब तक टाइगर रिजर्व में बसे गांव और जंगली जानवरों के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं मिली है। महुआ बीनने के लिए ग्रामीण जंगल में आग लगाकर चले जाते हैं घर अफसरों ने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक कोरिया और एमसीबी जिले में 1 लाख से अधिक महुआ के पेड़ जंगल में हैं, जहां हर साल ग्रामीण महुआ बीनने के लिए पत्तों में आग लगा देते हैं। इससे कई बार आग जंगल तक फैल जाती है और जंगल को नुकसान पहुंचता है। हालांकि जंगल में पत्तों में आग लगाने की काम वनकर्मियों द्वारा भी किया जाता है, लेकिन वनकर्मी पत्तों आग लगाने के बाद उसकी निगरानी भी करते हैं, जिससे आग जंगल में न फैले, लेकिन ग्रामीण आग लगाने के बाद घर चले जाते हैं। फायर वाचर को भी आग के तेजी से फैलने के बाद जानकारी मिलती है। टाइगर रिजर्व के 13 बीट में नेटवर्क नहीं, सूचना मिलने में कठिनाई टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर सौरभ सिंह ने बताया कि टाइगर रिजर्व के बड़े क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या है, जहां आगजनी होने पर सूचना के आदान-प्रदान में दिक्कत होती है। आगजनी की घटना को ध्यान में रखते हुए इन दिनों वायरलेस की सुविधा देने के साथ ही कुछ वनकर्मियों को वॉकी-टॉकी की सुविधा दी है। कोरिया और एमसीबी जिले में से बीते दो दिनों से टाइगर रिजर्व मेंं करीब 78 बीट आग की चपेट में हैं। यहां बीट गार्ड दो फायर वाचर के साथ 50 ब्लोअर लेकर आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे हैं।

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