नेशनल हाईवे 43, अंबिकापुर-सूरजपुर मुख्य मार्ग में कालीघाट के पास करीब दो किलोमीटर सड़क का कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने चक्काजाम एवं विरोध प्रदर्शन के लिए जुटे तो नेशनल हाईवे के अधिकारी मौैके पर पहुंचे। नेशनल हाइवे के एसडीओ ने 24 घंटे में डामरीकरण शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन रोक दिया गया। दो किलोमीटर सड़क का डामरीकरण नहीं होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। अंबिकापुर-सूरजपुर मुख्य मार्ग पर स्थित कालीघाट के पास नेशनल हाईवे में नए पुल निर्माण एवं चौड़ीकरण का कार्य बारिश के दौरान शुरू किया गया था। इस दौरान केवल पुल निर्माण का कार्य किया गया और सड़क का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। अधूरे सड़क पर उड़ने वाली धूल के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। नवरात्र मेले के पूर्व नहीं बन सकी सड़क
यहां काली मंदिर में चैत्र नवरात्र पर मेले का आयोजन किया जाता है। स्थानीय लोगों ने चैत्र नवरात्र के पूर्व सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की थी। सड़क का कार्य विभाग ने नहीं शुरू कराया तो ग्रामीणों ने शनिवार को चक्काजाम का ऐलान किया था। चक्काजाम के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। एसडीओ की समझाइश के बाद स्थगित हुआ चक्काजाम
नेशनल हाईवे के एसडीओ निखिल लकड़ा कालीघाट पहुंचे और आंदोलनकारियों से बात की। नेशनल हाइवे के एसडीओ ने ठेकेदार से बात की और तत्काल कार्य शुरू करने के लिए कहा। निखिल लकड़ा ने आंदोलनकारियों को 24 घंटे में डामरीकरण का कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद चक्काजाम स्थगित कर दिया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे में डामरीकरण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। दो किलोमीटर सड़क का होगा डामरीकरण
नेशनल हाईवे के एसडीओ निखिल लकड़ा ने बताया कि नेशनल हाईवे में पुलिया निर्माण पूरा हो गया है। डेढ़ सौ मीटर अप्रोच रोड में डब्लूबीएम का कार्य हुआ है। इसमें धूल उड़ती है। ठेकेदार ने 24 घंटे में काम शुरू करने का आश्वासन दिया है। दो किलोमीटर तक चौड़ीकरण के तहत डामरीकरण का कार्य किया जाएगा।


