बैटिंग-ऑलराउंडर थे दिल्ली के स्पिनर विपराज:कोच बोले- NCA ने पहचाना बॉलिंग का हुनर; LSG के खिलाफ 15 गेंद पर 39 रन बनाकर चौंकाया

IPL में लखनऊ के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स की जीत में आशुतोष शर्मा के अलावा एक और नाम उभरा है, विपराज निगम का। स्पिनर के तौर पर खेल रहे विपराज ने 15 गेंदों 39 रन बनाकर सभी को चौंका दिया। लेकिन, विपराज के लिए ये कोई चौंकाने वाली पारी थी ही नहीं। उनके कोच सरवर नवाब ने बताया कि विपराज पहले बैटिंग ऑलराउंडर ही थे, लेकिन बल्लेबाज के तौर पर अंडर-16 में उनका चयन नहीं हुआ था। अंडर-19 में उन्हें लेग स्पिनर के तौर पर यूपी टीम के लिए चुना गया। इसके बाद नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) ने उनके गेंदबाजी के हुनर को पहचाना और कोचिंग दी। विपराज जब क्रीज पर आए, तब दिल्ली का स्कोर 113/6 था
विपराज दिल्ली की पारी के दौरान जब नंबर-8 पर बल्लेबाजी करने उतरे तो टीम का स्कोर 113/6 था। उन्होंने तेजी से बल्लेबाजी की और महज 15 गेंद पर 39 रन की पारी खेल दी। विपराज ने मैच में 1 विकेट भी लिया। कोच बोले- हमारा फोकस ऑलराउंडर्स पर
UP के बाराबंकी के रहने वाले विपराज वहां के यूथ क्रिकेट क्लब में कोच सरवर नवाब के पास अभ्यास करते हैं। नवाब दैनिक भास्कर को बताते हैं कि जब विपराज 10 साल के थे तब उनके पिता विजय निगम मेरे पास लेकर आए थे। विपराज के पिता टीचर हैं। विपराज शुरू से ही बैटिंग करते थे। साथ ही उन्हें स्पिन बॉलिंग में भी रुचि थी। अकादमी में हमारी भी कोशिश होती है कि बच्चे बैटिंग-बॉलिंग दोनों करें। उनका अंडर-14 यूपी टीम में सिलेक्शन भी बतौर बल्लेबाज ही हुआ था। अंडर-19 में UP टीम से गेंदबाजी का मिला मौका
नवाब कहते हैं कि विपराज को अंडर-16 में बल्लेबाजी का मौका जोनल लेवल के टूर्नामेंट में नहीं मिल पाया। ऐसे में उनका सिलेक्शन जोनल टीम में नहीं हो पाया और इस वजह से वे स्टेट टीम में भी नहीं खेल सके। वहीं, अंडर-19 के ट्रायल के दौरान चयनकर्ताओं ने उनकी बॉलिंग स्किल को पहचाना और टीम में जगह दी। यही नहीं, UP अंडर-19 से वह गेंदबाजी करने लगे और वह उस समय बेस्ट बॉलर रहे। इस वजह से उनका नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) में भी चयन बतौर गेंदबाज के तौर पर हुआ।
पिछले साल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में UP के लिए विकेट लेने के साथ उन्होंने रन भी बनाए। वह पिछले साल UP प्रीमियर क्रिकेट लीग में दूसरे टॉप विकेट टेकर रहे। दिल्ली कैपिटल्स ने भी उनका चयन बतौर गेंदबाज के तौर पर ही किया था पिता बोले- सब कोच की बदौलत हुआ है
विपराज गली-मोहल्ले में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते थे। क्रिकेट में उनके इंटरेस्ट को देखते हुए उनके पिता विजय निगम बाराबंकी में क्रिकेट अकादमी के बारे में पता किया और कोच सरवर नवाब के पास ले गए। विजय के मुताबिक, विपराज जब 8 साल का था, तभी से गली-मोहल्ले में क्रिकेट खेलता था। उसकी क्रिकेट में रुचि ज्यादा थी। पढ़ने में वह नॉर्मल स्टूडेंट था। मैंने उनके इंटरेस्ट को देखते हुए उनसे एक दिन पूछा आपको क्या करना है। उनका जवाब था कि मैं क्रिकेट खेलना चाहता हूं। उसके बाद मैंने बाराबंकी में क्रिकेट अकादमी और कोच के बारे में पता किया। विपराज जो भी है, वह कोच की बदौलत है। मुझे क्रिकेट के बारे में कुछ भी पता नहीं था। विपराज का घरेलू करियर
इस 20 साल के ऑलराउंडर ने उत्तर प्रदेश टी-20 लीग 2024 में लखनऊ फाल्कन्स के लिए खेलते हुए 12 मैच में 20 विकेट झटके थे। वे दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। हालांकि, विपराज ने करियर की शुरुआत बतौर बैटिंग-ऑलराउंडर की थी।
उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब तक तीन मैच खेले हैं। इस बीच उनको छह पारियों में 31.07 की औसत से 13 सफलता हासिल हुई है। इसके अलावा लिस्ट में पांच मैच खेलते हुए उन्होंने पांच पारियों में 55.00 की औसत से चार, जबकि टी20 की आठ पारियों में 22.88 की औसत से नौ विकेट चटकाए हैं।
फर्स्ट क्लास की पांच पारियों में 10.75 की औसत से 43, लिस्ट ए की तीन पारियों में 3.00 की औसत से नौ और टी 20 की छह पारियों में 20.60 की औसत से 103 रन बनाए हैं। _________________________ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… आखिरी ओवर में आशुतोष ने दिखाया दम:9 विकेट गिरने के बाद भी दिल्ली को जिताया; इम्पैक्ट प्लेयर की फिफ्टी से हारा लखनऊ दिल्ली कैपिटल्स ने IPL-18 के रोमांचक मुकाबले में लखनऊ सुपरजायंट्स को 1 विकेट से हरा दिया। टीम ने 20वें ओवर की तीसरी बॉल पर 210 रन का टारगेट हासिल कर लिया। इम्पैक्ट प्लेयर आशुतोष शर्मा ने छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई, वे 31 गेंद पर 66 रन बनाकर नॉटआउट रहे। पूरी खबर

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