प्रवीण/प्रकाश| गिरिडीह में सीसीएल की जमीन पर दबंगों की हुकूमत चलती है। यहां किसी को जमीन लेनी है तो न रजिस्ट्री की जरूरत है और न ही म्यूटेशन की। बस माफिया की सहमति चाहिए, जो अपनी मनमाफिक रकम लेगा और 10 रुपए के स्टांप पेपर पर अपनी सहमति लिख कर देगा, फिर आराम से अपने सामर्थ्य के अनुसार मकान-दुकान बनाएं। क्योंकि, माफिया की मुहर लगने के बाद न तो सीसीएल कुछ बोलती है और न ही अंचल व थाना। गिरिडीह सीसीएल इलाके में ऐसा ही गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा है। यहां खरीददार माफिया व दलाल की सेटिंग से बनियाडीह, पपरवाटांड़, माथाडीह, चैताडीह, घटियारी और 6 नंबर में धड़ल्लेसे कब्जा कर घर और दुकान बनाए जा रहे हैं। इसका रेट 3 लाख से लेकर 5 लाख रुपए तक प्रति कट्ठा फिक्स है। इसके अलावा जिनके कब्जा में पुराना घर और दुकान है, वे बेचना चाहें तो मौखिक व कच्चे कागज पर 5 से 10 लाख रुपए में बिक जाता है । जबकि, कई लोग घर और दुकान बनाकर 500 से 2500 रुपए प्रतिमाह किराए पर भी लगाए हुए हैं। यही नहीं इन घरों और दुकानों में सीसीएल से दलालों ने बिजली का कनेक्शन भी दिलवा रखा है। इस अवैध भूखंड पर झोपड़ी के अलावा अब पक्के मकान भी धड़ल्ले से बन रहे हैं। वहीं कई दुकानें तो वीआईपी दुकानों की तरह भी सीसीएल की जमीन पर खड़ी हो चली हैं। गिरिडीह- डुमरी मुख्य मार्ग पर कई दुकान और मकान अभी बन भी रहे हैं। सीसीएल की जमीन के इस अवैध कारोबार में अलग-अलग क्षेत्र के अलग-अलग माफिया व बिचौलिए हैं। कई सफेदपोश भी धंधे में शामिल हैं। कई बार जमीन घेराबंदी के चक्कर में मारपीट की घटनाएं तक होती रही हैं, जो अक्सर गिरिडीह मुफ्फसिल थाना में पहुंचती हैं। लेकिन इस खेल से सीसीएल प्रबंधन बेखबर है। इस वजह से लगातार सीसीएल की जमीनों पर अवैध कब्जा व खरीद-बिक्री का खेल चल रहा है। केस 1- पपरवाटांड़ में हाल में बिकी 3 लाख में जमीन गिरिडीह-डुमरी सड़क के किनारे पपरवाटांड़ में एक व्यक्ति ने जमीन घेर कर रखी थी । उसे राजेश नामक व्यक्ति ने 3 लाख रुपए में खरीद कर एसबेस्टस का घर बना लिया है। उसने बताया कि जमीन लेने के दौरान किसी तरह का कागजात नहीं मिला। सिर्फ सफेद कागजात में आपसी सहमति बनी, ताकि आने वाले दिनों मंे जमीन को लेकर आपसी विवाद न हो। घर बनाने से पहले एक ट्रैक्टर ईंट गिराई, जिससे उसने जमीन को घेर दिया। उसके बाद अपना घर बनाकर रहने लगा। नोटिस दिया जा रहा है : जीएम सीसीएल गिरिडीह क्षेत्र के जीएम बासव चौधरी ने कहा कि जहां पर सीसीएल की जमीन पर अवैध कब्जा हो रहा है, उसे तोड़ रहे हैं। वहीं जिन लोगों ने सीसीएल की जमीन पर मकान, दुकान बना लिया है। सभी को नोटिस दिया जा रहा है। एक ओर कार्रवाई होती है, तो लोग दूसरी ओर घर बनाने लगते हैं। सीसीएल आने वाले नए वर्ष में अवैध कब्जाधारियों पर बड़ी कार्रवाई की योजना बना रही है। वहीं चिलगा में जिस महिला के आवास को तोड़ने की बात है, उसकी जांच कराएंगे। केस-2 मुफ्फसिल थाना के पास किराए पर है चाय दुकान गिरिडीह मुफ्फसिल थाना के पास सड़क के किनारे सीसीएल की जमीन पर एक चाय की दुकान चलती है। दुकानदार उस दुकान को किराए में लिए है। हर माह उसका किराया करीब एक हजार रुपए देता हैं। दुकानदार ने बताया कि यहां पर कब्जे का खेल है। सीसीएल डीएवी स्कूल की ओर सड़क के किनारे कई दुकानदारों ने कब्जा कर दुकान खड़ी कर ली है। कई दुकानदार हर महीने एक हजार रुपए देते हैं। मकान मालिक भी पास में ही रहता है। रिपोर्टर : सीसीएल की जमीन खरीदनी थी।
बिचौलिया : एकदम मिल जाएगा, अभी पपरवाटांड़ में जमीन नहीं है, नदी किनारे में जमीन बची है।
रिर्पोटर : रेट कितना देना होगा।
बिचौलिया : देखिए, अभी तीन लाख रुपए प्रति कट्ठा चल रहा है। आराम से उसमें घर बन जाएगा।
रिपोर्टर : जमीन का कागजात क्या मिलेगा।
बिचौलिया : कोई कागजात नहीं, 10 रुपए के स्टांप पेपर में बेचने वाली की सहमति रहेगी कि आने वाले दिनों में लोकल कोई परेशान नहीं करेगा।
रिपोर्टर : पहले क्या करना होगा।
बिचौलिया : जमीन देख लिजिए, ईंट गिराकर चहारदीवारी करवा देंगे, फिर घर बना लें।
रिपोर्टर : बिजली और पानी कहां से मिलेगा।
बिचौलिया : बिजली और पानी का कनेक्शन सीसीएल से ही करवा देंगे, कुछ रुपया खर्च करना होगा।


