भास्कर न्यूज | जालंधर समाज सेवी संस्थाओं द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारे के तहत बेटियों को पढ़ाने की सेवा निभाई जा रही है। इसी मुहिम के चलते समाज में महिलाओं का ऐसा संगठन भी है जोकि धार्मिक संकीर्तन के साथ-साथ जरूरतमंद बेटियों का विवाह भी करवाता है। उनके अनुसार बेटी भगवान का दिया ऐसा तोहफा है जिसके घर में पांव पड़ने से घर में खुशहाली आ जाती है। महालक्ष्मी मंदिर जेल रोड की स्त्री सत्संग सभा की प्रधान सुनीता भारद्वाज ने बताया कि पिछले 17 सालों से निस्वार्थ भाव से यह सेवा कार्य कर रहे है। शुरू में सभा में 15 मेंबर थीं जिन्होंने पैसे जोड़कर 5 बेटियों का विवाह करवाया था। लेकिन धीरे-धीरे सभा में महिलाएं जुड़ने लगीं और अब तक जरूरतमंद परिवारों की 262 बेटियों की शादियां करवा चुके हैं । निस्वार्थ भाव से सर्व जातिय नि:शुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन करवाया जाता जाता है। संस्था सभी जाति के विवाह योग्य बच्चों के विवाह करवाती है। एक पिता के लिए अपनी बेटी का विवाह आज के दौर में कठिन होता जा रहा है। ऐसे में सर्वधर्म समभाव सामूहिक विवाह गरीब परिवारों के लिए बड़ा सहारा है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को बढ़ावा देने की जरूरत है। अपनी बेटी का विवाह तो सभी करवाते हैं, परन्तु पराई बेटी का विवाह करवाना सबसे बड़ी सेवा और पुण्य का कार्य है। सामूहिक विवाह आज समाज की आवश्यकता है। कन्याओं का विवाह करवाना पुण्य का कार्य है इससे बड़ी सेवा नही हो सकती। आज के समय में सभा में 100 से अधिक मेंबर्स जुड़ चुके है जोकि अपनी इच्छा अनुसार सहयोग करते हैं। संस्था की सदस्य… सीनियर उप प्रधान मीना प्रभाकर, उप-प्रधान पिंकी नारंग, महासचिव राधा मल्होत्रा, निशा रहेला, सचिव सुषमा जुनेजा, नीलम शर्मा, कोषाध्यक्ष निर्मल मल्होत्रा, इंदु जुनेजा, सहकोषाध्यक्ष सुदेश सेठ, निशा टंडन, सलाहकार अंजू कपूर, नीना खन्ना, वनिता रामपाल, आशा सैनी, सुनीता सोनी, कुलवंत भट्टी व अन्य मेंबर हैं ।


