भास्कर न्यूज | महासमुंद छत्तीसगढ़ उद्यमिता विकास केंद्र के तत्वावधान में शासकीय माता कर्मा कन्या महाविद्यालय महासमुंद में 12 दिवसीय माइक्रो एंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ 28 मार्च से किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य व उद्योग विभाग और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद की संयुक्त पहल के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में 50 प्रतिभागी शामिल हुए है। मुख्य अतिथि विजय कुमार पांडेय ने कहा कि उद्यमिता ही देश की आर्थिक समृद्धि की कुंजी है। इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को न केवल स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करते हैं, बल्कि उन्हें नवाचार और आर्थिक स्वतंत्रता का अवसर भी प्रदान करते हैं। संस्थान इस प्रकार की पहलों का सदैव समर्थन करता रहेगा। युवा जब तक स्वरोजगार को नही अपनाएंगे तब तक आर्थिक रूप से मजबूत नही हो सकते है। आर्थिक रूप से सशक्त होने के लिए युवाओं को दूसरों के पास नौकरी न कर स्वयं का व्यापार या व्यवसाय की ओर बढ़ना चाहिए। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर एसबी कुमार ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का दौर स्टार्टअप और नवाचार का है। युवाओं को रिस्क लेकर स्टार्टअप करना चाहिए। उद्यमिता विकास के लिए सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण आवश्यक है, और हमारा प्रयास है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को व्यावहारिक ज्ञान और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, जिससे वे सफल उद्यमी बन सकें। उद्यम से हमें सफलता प्राप्त होती है। कार्यक्रम का संचालन छत्तीसगढ़ उद्यमिता विकास केंद्र किया जा रहा है, जो राज्य में नवोद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रयासरत है। इस मौके पर भूगोल विभागाध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल, डॉ. मनोज शर्मा विभागाध्यक्ष वाणिज्य संकाय, डॉ. स्वेतलाना नागल विभागाध्यक्ष विज्ञान संकाय अरविंद साहू सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक व स्टाफ मौजूद थे। प्रशिक्षक मेंटोर विजय कुमार पांडेय ने कहा कि सफल उद्यमी बनने के लिए सही प्रशिक्षण और सतत प्रयास की आवश्यकता होती है। इस कार्यक्रम में हम न केवल व्यावसायिक अवधारणाओं को समझाएंगे, बल्कि प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करेंगे, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम में लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिन्हें व्यवसाय योजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, मार्केटिंग, डिजिटल टूल्स, सरकारी योजनाओं व विभिन्न व्यावसायिक अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम समन्वयक डॉक्टर सरस्वती वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं और महिलाओं के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक प्रतिभागी इस प्रशिक्षण का लाभ उठाकर अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू करें और स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान दें। युवा जब उद्योग की ओर बढ़ेंगे तब स्थानीय रूप से विकास होगा। अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी के साथ ही समाज में हम आर्थिक योगदान दे सकते हैं।


