सत्कर्म कर मानव जीवन का उद्धार करना है: धर्मेंद्र

भास्कर न्यूज | राजनांदगांव बसंतपुर क्लब चौक में वैष्णावाचार्य धर्मेंद्र महाराज श्रीमद भागवत महापुराण कथा जारी है। 27 मार्च से शोभायात्रा के बाद कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित को समिक मुनि के पुत्र श्रृंगी के द्वारा 7 दिवस के भीतर मृत्यु हो जाए ऐसा श्राप मिला। महाराज धर्मेंद्र दास ने कहा आज के परीक्षित हम लोग हैं। जो समय उनका आया था, वही समय हमारा है। सात दिवस के भीतर सबकी मृत्यु होनी है, दिन कम है और सत्कर्म कर अपने मानव जीवन का उद्धार करना है। लेकिन मनुष्य सत्कर्म नहीं कर गलत कामों में रत हो जाते है और अमूल्य इस मानव जीवन को खो देते है, युवाओं को समझाया कि जीवन के इस सीमित ओवर में हमें सत्कर्म के अमूल्य रन बनाने है। तभी हम परमात्मा रूपी लक्ष्य तक पहुंच कर जीत हासिल कर पाएंगे। हमें जीवन रूपी क्रिकेट खेलते हुए नजदीक खड़े विकेट कीपर से डर कर रहना चाहिए, क्योंकि आस पास के लोग ही दुश्मन होते है। रन आउट, एक्सीडेंट मृत्यु है, कीपर आउट अल्प मृत्यु है, कैच अच्छी खासी जिंदगी में हार्ट अटैक आना होता है। कलयुग में राम नाम की महिमा है, राम से बड़ा राम का नाम है जो राम नाम की महिमा को जान पाते है वहीं भव सागर से पार होते हैं। यह कथा 4 अप्रैल तक चलेगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *