भास्कर न्यूज | टोंक शहर के सोलंगपुरा निवासी दो परिवार ने गुरुवार को जिलास्तरीय जनसुनवाई में कलेक्टर डॉ. सौम्या झा से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ताराचंद मारोठिया और दीपक बाजरिया (सैनी) परिवार के महिलाओं व बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन दिया। उनका कहना है कि उनके व परिवार के लोगों को रिश्तेदारों व समाज के लोगों की शादी में शामिल होना भी मना है और उसका उल्लंघन करने पर 5100 रुपए तक जुर्माने के रुप में वसूलने का आरोप लगाया है। वही बच्चों का खेलना व पानी भरने से लेकर कपड़े सिलाने तक ना सिर्फ पाबंदियां लगाई गई। ने कलेक्टर से उनका सामाजिक बहिष्कार करने वाले समाज के पंच-पटेलों पर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। ताराचंद, दीपक, संदीप, कलावती, रिंकू, रेखा, नाथूलाल, रामसहाय, कैलाश, बालूराम, सोराज, पूजा, आरती, सुनीता, दिनेश आदि ने बताया कि उनके परिवार के लोग वार्ड नंबर 5 सोलंगपुरा में माताजी के मंदिर के पास जिंद महाराज मंदिर में मंदिर की पूजा करते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए मंदिर में टीन शेड लगाने का काम कर रहे थे। इसी को लेकर समाज के तेजमल, फूलचंद, कानाराम, प्रभुलाल, शिवराज, हरि, जगदीश, छोटूलाल, रामफूल सोलंकी, सीताराम, मोती कोतवाल, सीताराम माली, जग्गा तंवर, सूरज आदि ने उनका सामजिक रूप से बहिष्कार कर दिया था। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने सदर थाने में की लेकिन उक्त पंच-पटेलों की ओर से थाने में माफीनामा देने के बाद पुलिस ने भी उनपर कार्रवाई नहीं की। लेकिन माफीनामा देने के बावजूद उक्त लोगों के कारण उनके परिवार का समाज में उठना-बैठना, खाना-पीना, कपडे सिलवाने से लेकर बच्चों के खेलने तक पाबंदी लगी हुई। इसलिए उन्होंने कलेक्टर से उक्त लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाकर कानूनी कार्यवाही की मांग की है। पीड़ित ताराचंद व दीपक सैनी ने बताया कि सोलंगपुरा निवासी एक व्यक्ति की बेटियों 22 नवंबर को शादी हुई। उसने उन्हें भी परिवार सहित को शादी में बुलाया था और वह लोग शामिल भी हुए। लेकिन बाद में उक्त समाज के ठेकेदारों ने 9 दिसंबर को समाज की बैठक कर पीड़ित से शादी में जाने पर उलाहना दी कि बहिष्कृत होने के बावजूद शादी में क्यू शामिल हुए। बाद में जुर्माना स्वरुप 5100-5100 रुपए की राशि भी जबरन वसूल कर ली। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उक्त लोग गिरोह बनाकर घर की महिलाओं और बच्चों को मानसिक रुप से प्रताड़ित भी कर रहे हैं।


