भास्कर न्यूज | टोंक शहर के बीचो-बीच स्थित तालाब तेलियान पर अमृत योजना-2 के तहत हो रहे सौंदर्यीकरण व विकास कार्यों का गुरुवार शाम को कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने निरीक्षण किया। लेकिन संबंधित विभाग की मॉनिटरिंग के अभाव में तालाब के पास हो रही गंदगी व विकास की धीमी गति देख कलेक्टर ने अधिकारियों व कर्मचारियों से नाखुश दिखी। उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को नियमित रूप से सफाई कार्य करवाने व तालाब की पाल पर पौधारोपण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि गंदगी के निस्तारण के लिए उचित दूरी पर कचरा पात्र रखने व उन्हें रोजाना खाली करने को लेकर की निर्देश दिए। वही सरोवर कॉलोनी की महिलाओं ने कचरा गाड़ी नियमित रुप से नहीं आने की निरीक्षण करने आई कलेक्टर को शिकायत की। कलेक्टर ने नप आयुक्त को कचरा गाड़ी का रूट चार्ट बनाने व एसडीएम हुक्मीचंद रोहलानिया को तालाब के आसपास लोगो के अतिक्रमण को हटवाने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान नगर परिषद आयुक्त ममता नागर, समाजसेवी ओमप्रकाश गुप्ता, पोखरलाल जाट मौजूद रहे। सौंदर्यीकरण के नाम पर लीपापोती : केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी अमृत योजना के दूसरे फेज के तहत करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से तेलियान तालाब को लेकर सौंदर्यीकरण किए जाने है। पहली बार कलेक्टर तालाब के सौंदर्यीकरण का दौरान करने पहुंची तो वहां सौंदर्यीकरण कार्यों के नाम पर हो रही लीपापोती की भी पोल खुल गई। स्थानीय लोगों का कहना है की तेलियान तालाब की गंदगी से आसपास रहने वालों का जीना मुश्किल हो गया है। सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति हो रही है।


