सूरजपुर जिले में एक बाघ सड़क पार करते दिखा है। ओड़गी-बिहारपुर मुख्य मार्ग पर चंपाजोर के जंगल में राहगीरों ने इसका वीडियो भी बनाया। जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं ग्रामीणों के मुताबिक, नवरात्रि पर यहां हर साल बाघ विचरण के लिए पहुंचता है। कुदरगढ़ क्षेत्र के स्थानीय लोगों की मानें तो चैत्र नवरात्र व शारदीय नवरात्र के अवसर पर हर साल यहां बाघ विचरण के लिए पहुंचता है। एक बार फिर चैत्र नवरात्रि शुरू होने से एक दिन पहले बाघ को देखा गया है। बता दें कि चैत्र नवरात्र के अवसर पर कुदरगढ़ धाम में 15 दिनों तक मेले का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही 3 दिवसीय कुदरगढ़ महोत्सव का भी आयोजन होता है। ऐसे में बाघ के विचरण को लेकर कुदरगढ़ लोक न्यास ट्रस्ट व जिला प्रशासन सहित वन विभाग भी अलर्ट मोड पर है। कुदरगढ़ की तरफ न जाने की सलाह बताया जा रहा है कि यहां से कुदरगढ़ की दूरी लगभग 15 किमी है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कहीं बाघ कुदरगढ़ की ओर रुख न करें। बहरहाल बाघ के विचरण को लेकर लोगों में डर का माहौल है। वनपरिक्षेत्राधिकारी ने बाघ के विचरण की पुष्टि की कुदरगढ़ वनपरिक्षेत्र के वनपरिक्षेत्राधिकारी नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से लेकर करीब 40-50 किलोमीटर के क्षेत्र में बाघ विचरण करता रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि बाघ द्वारा अब तक किसी को हानि नहीं पहुंचाई गई है। वन विभाग के मैदानी अमले द्वारा बाघ पर निगरानी रखी जा रही है। बाघिन के हमले से 2 की मौत पिछले साल 2023 में चैत्र नवरात्रि व कुदरगढ़ महोत्सव के दौरान बाघिन के हमले से जंगल में लकड़ी लेने गए 2 लोगों की मौत हो गई थी और 1 घायल हो गया था। हालांकि बाद में वन विभाग की टीम ने बाघिन का रेस्क्यू कर लिया था। इस दौरान कुदरगढ़ महोत्सव व चैत्र नवरात्रि मेला भी प्रभावित हुआ था।


