पहली बार हर जिले में कलेक्टर गठित करेंगे उड़नदस्ता:एक दल में तीन सदस्य रहेंगे, 50 हजार कर्मचारी परीक्षा कार्य में जुटेंगे, माशिमं करेगा मॉनिटरिंग

मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं–12वीं की परीक्षाओं का काउंटडाउन शुरू हो गया है। इसके लिए माशिमं ने अपनी व्यवस्था में अहम बदलाव किया है। अब हरेक जिले में कलेक्टर ही फ्लाइंग स्क्वाड गठित करेंगे। इसके पहले स्कूल शिक्षा विभाग अपने स्तर पर फ्लाइंग स्क्वाड (उड़न दस्ता) गठित करता था। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। अलग-अलग दल के बदले केंद्रीयकृत व्यवस्था रहेगी। इस बार प्रदेश भर में करीब 550 संवेदनशील परीक्षा केंद्र हैं। हर जिले में परीक्षा केंद्रों की संख्या के हिसाब से कलेक्टर जो दल गठित करेंगे, उनकी मॉनिटरिंग माशिमं करेगा। इसके तहत टीम लीडर को माशिमं द्वारा तैयार किए गए एप में रजिस्टर करना होगा। इसके माध्यम से उनकी ट्रेकिंग की जाएगी। माशिमं के सर्वर में यह जानकारी रहेगी कि कौन सा दल किस परीक्षा केंद्र में गया है। इस तरह से एकजाई रूप से इनकी रिपोर्टिंग सीधे तौर पर माशिमं को भी रहेगी। प्रश्न पत्र के बंडल सीधे परीक्षा कक्ष में ही खोले जाएंगे। इन्हें संबंधित केंद्र के प्रिंसिपल रूम भी खोलने की अनुमति नहीं रहेगी। इस तरह से पेपर लीक की आशंका भी नहीं होगी। परीक्षा में शामिल कर्मचारी को भी एप में रजिस्टर किया जाएगा और उनकी रियल टाइम मॉनिटरिंग माशिमं. के भोपाल कार्यालय से होगी। गौरतलब है कि बोर्ड परीक्षाओं में लगभग 17 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा कार्य में लगभग 50 हजार कर्मचारी तैनात रहेंगे। इनमें स्कूल शिक्षा विभाग के अलावा अन्य विभागों के कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर प्राइवेट परीक्षार्थी अधिक होते हैं माशिमं के अधिकारियों के मुताबिक संवेदनशील परीक्षा केंद्र ऐसे केंद्र हैं, जहां प्राइवेट परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होती है। इनमें अलग से गार्ड की व्यवस्था भी की जाती है। इसके साथ माशिमं. द्वारा तीन लेवल पर मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाएगी। अगर कोई कर्मचारी अनुपस्थित होता है तो इसकी जानकारी संभाग और जिला स्तर पर दी जाएगी। माशिमं. की टेक्निकल विंग सोशल मीडिया पर भी नजर रखेगी। अब … पहले की तरह अलग–अलग दल नहीं इस बार फ्लाइंग स्क्वाड कलेक्टर द्वारा गठित किए जाएंगे। एक दल में तीन सदस्य रहेंगे। इनमें टीम लीडर माशिमं के मोबाइल एप पर रजिस्टर्ड रहेंगे। पहले की तरह अलग–अलग दल नहीं बनेंगे, जो भी होगा कलेक्टर के माध्यम से होगा। माशिमं की टेक्निकल टीम सोशल मीडिया ग्रुप्स पर नजर रखेगी। साइबर पुलिस का भी सहयोग लेंगे।
-डॉ. केडी त्रिपाठी, सचिव, माशिमं

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