पार्सल में ड्रग्स मिलने और मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर धमकाकर बदमाशोें ने टीसीएस के एक इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर 1.35 लाख रुपए ठग लिए। चौथे दिन सूचना मिली तो क्राइम ब्रांच ने युवक को रिहा करवाया। पहली बार बदमाश का चेहरा भी सामने आया है। उस पर 30 हजार का इनाम घोषित किया है। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया मोहित मौर्य निवासी स्कीम 51 के साथ घटना हुई। गुरुवार सुबह क्राइम ब्रांच में एडवोकेट अक्षय तिवारी का कॉल आया। उन्होंने बताया कि उनका मित्र मोेहित मौर्य सोमवार से डिजिटल अरेस्ट है। मोहित ने बताया कि वे बीटेक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं। कभी अखबार नहीं पढ़ते, इसलिए बदमाशों के झांसे में आ गए। मुझे डराया कि तुम्हारे नाम के पार्सल में ड्रग्स मिली है। तुम पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी बनता है। तुम्हें अरविंद केजरीवाल की तरह जेल हो जाएगी। मुझे इतना धमकाया कि मैंने दो बार लोन लेकर पहले 99500 रुपए और दूसरी बार 35 हजार रुपए उन्हें दे दिए। इधर, सॉफ्टवेयर कंपनी के कर्मचारी को बचाया विजयनगर टीआई चंद्रकांत पटेल ने बताया कि हमें बुधवार को सूचना मिली कि सॉफ्टवेयर कंपनी का कर्मचारी धीरेन्द्र फोन अटेंड नहीं कर रहा है। वह दोपहर से लापता है। लोकेशन निकाली तो वह एक होटल के कमरे में मिला। उससे मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई तो बताया कि अवैध काम में लिप्त होने की वजह से बाहर की पुलिस फोन पर उससे पूछताछ कर रही है। तब समझ आया कि वह डिजिटल अरेस्ट हो चुका है। युवक को समझाया कि जो तुमसे पुलिस बनकर बात कर रहे हैं वे ठग हैं। उसे दुबई कोड से जनरेट फोन आया था। पता चला है कि युवक के खाते में 26 लाख रुपए थे।


