लसूड़िया मोरी में सरकारी मंदिर की जमीन पर 22 साल से चल रहे विवाद और कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने गुरुवार को 500 करोड़ से ज्यादा की जमीन को कब्जे से मुक्त करवाया। कोर्ट में चल रहे मामले के बीच कुछ लोगों ने कार्रवाई न हो, इसके लिए वहां बुआई कर दी थी। प्रशासन की टीम ने जेसीबी की मदद से पूरी जमीन खाली करवाई और जमीन का कब्जा भी दिलवाया। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि मंदिरों की जमीनों के विवाद की रिपोर्ट बुलाई थी। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। कुछ अन्य जगह भी इस तरह की कार्रवाई होगी। एसडीएम घनश्याम धनगर के साथ अपर तहसीलदार कमलेश कुशवाह, नायब तहसीलदार शिवशंकर जारोलिया पहुंचे। सर्वे 230, 265 में 12.371 हेक्टेयर जमीन श्री मुरली मनोहर मंदिर के आधिपत्य की है। इस पर रामप्रसाद, मेहरवान सिंह, नारायण सिंह ने कब्जा कर रखा था और खेती कर रहे थे। प्रशासन ने पुलिस और नगर निगम की सहायता से अतिक्रमण हटाते हुए कब्जा दिलवाया। इधर, प्रिंसेस रियल एस्टेट कॉलोनी में प्लॉट पर कब्जे दिलवाए एमआर-11 स्थित प्रिंसेस रियल एस्टेट कॉलोनी में प्रशासन 70 से ज्यादा लोगों को प्लॉट के कब्जे दिलवा चुका है। यहां बिल्डर सहित कुछ अन्य लोगों ने कई तरह की अनियमितता की थी। प्रशासन को मिली शिकायत के बाद यहां वास्तविक प्लॉटधारकों को कब्जा दिलवाने का क्रम जारी है। गुरुवार को 12 प्लॉटधारकों की जमीन खाली कराकर कब्जा दिलवाया गया।


