झुंड से बिछड़ा हाथी बना खतरनाक:गुमला में तीन दिन में 5 लोगों को मार डाला, जंगल में लगी आग से हाथी ने रूट बदला

झारखंड के गुमला जिले में एक जंगली हाथी ने तीन दिनों में 8 लोगों पर हमला किया है। इनमें से 5 लोगों की मौत हो गई है और 3 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। वन विभाग के अनुसार, ग्रामीणों द्वारा महुआ इकट्ठा करने के लिए जंगल में लगाई गई आग की वजह से हाथी अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया है। हालांकि वन विभाग का कहना है कि हाथी अब छत्तीसगढ़ की ओर चला गया है। यह हाथी अपने झुंड से अलग होने के बाद से बेहद आक्रामक हो गया था। आमतौर पर हाथी फसलों और घरों को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन यह हाथी सीधे लोगों को निशाना बना रहा था। वो कच्चे घरों के अंदर घुस लोगों को कुचल रहा था। वीडियो में दिखा हाथी का उत्पात
इसी बीच हाथी का एक वीडियो सामने आया है। वो गांव में घुसकर लोगों को दौड़ाता नजर आ रहा है। शुक्रवार को भी हाथी ने पालकोट प्रखंड के तापकारा और डहुपानी पंचायत में दो लोगों की जान ले ली। मृतकों में पालकोट देवगांव छाप टोली के 60 वर्षीय क्रिस्टोफर एक्का, तेतर टोली की 50 वर्षीय हेमवती देवी, रायडीह प्रखंड के सुगाकाटा के 65 वर्षीय फिरला नगेशिया, डेरांगडीह के 45 वर्षीय जेम्स कुजूर और जारी प्रखंड सीसी करमटोली के 73 वर्षीय क्लाइमेंट एक्का शामिल हैं। घायलों में 50 वर्षीय अरविंद सिंह, 40 वर्षीय अजय मिंज और ईमिल बा का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, सोमवार को वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सीमावर्ती हाथी प्रभावित संभावित गांव (कोदा, सारंगाडीह, धोबारी, बिचरा, लावाबर, पांची, परसा,उरई- कोना, मांगरू ताला) में पहुंच कर ग्रामीणों से हाथी के बारे में जानकारी प्राप्त किया। लेकिन कोई नया अपडेट प्राप्त नहीं हुआ। संभवत हाथी गांव में न घुस कर जंगल से होते हुए छत्तीसगढ़ बॉर्डर पार कर गया होगा। अब छत्तीसगढ़ की ओर मूवमेंट कर गया है
गुमला वन प्रमंडल पदाधिकारी बेलाल अहमद व रेंजर जगदीश राम ने बताया कि महुआ चुनने के लिए ग्रामीण जंगलों में आग लगा दे रहे हैं। इसकी वजह से हाथी एग्रेसिव हो जा रहा है। यह हाथी सिमडेगा की ओर से झुंड से भटक कर गुमला में घुसा था, जो अब छत्तीसगढ़ की ओर मूवमेंट कर गया है। सभी पीड़ितों को तत्काल कुछ मुआवजा दे दिया गया है और कागजी कार्रवाई होने पर पूरी राशि दी जाएगी।

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